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Jammu News: हाईवे निर्माण की धीमी रफ्तार से बढ़ी मुसीबतें, जाम, हादसे और धूल से लोग बेहाल
Thu, 20 Nov 2025 02:10 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Thu, 20 Nov 2025 02:10 AM IST
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सांबा के सिडको चौक में जारी धीमे निर्माण कार्य के चलते रेंगते वाहन
- फोटो : samvad
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सांबा, बाड़ी ब्राह्मणा, घगवाल और विजयपुर में सुबह-शाम भीषण जाम लगना अब रोजमर्रा की बात
सांबा। जम्मू-कठुआ राष्ट्रीय राजमार्ग पर धीमी गति से चल रहा फ्लाईओवर निर्माण कार्य ने लोगों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। सांबा, बाड़ी ब्राह्मणा, घगवाल और विजयपुर में सुबह-शाम भीषण जाम लगना अब रोजमर्रा की परेशानी बन चुका है।
कई बार बच्चे स्कूल देर से पहुंचते हैं और मरीजों को अस्पताल ले जाने में कीमती समय बर्बाद हो जाता है। दफ्तर जाने वाले लोग घंटों जाम में फंसकर थकान और तनाव से जूझ रहे हैं। सिडको चौक, मानसर मोड़ और सांबा फ्लाईओवर क्षेत्र में बदहाल सड़कों, धूल और संकरे वैकल्पिक मार्गों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। लोगों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में दुर्घटनाओं का आंकड़ा लगातार बढ़ा है लेकिन निर्माण एजेंसियों की गति में कोई ठोस सुधार नजर आता दिखाई नहीं दे रहा।
हर सुबह बच्चे जाम में फंसकर देर से पहुंचते हैं। ऑफिस का आधा घंटे का सफर अब दो घंटे में पूरा होता है। सफर पूरा करने में पसीने छूट जाते हैं। अगर किसी को अस्पताल ले जाना हो तो कई घंटे पहले घर से निकलना पड़ता है। सड़क हमारे भले के लिए बन रही है, लेकिन इसकी देरी ने जिंदगी को मुश्किल बना दिया है।
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- राजीव सिंह, निवासी सांबा
सिडको चौक का हाल तो बदतर है। घर से निकलते वक्त यही चिंता रहती है कि कहीं रास्ते में हादसा न हो जाए। सांबा फ्लाईओवर के नीचे उतरते ही वाहन कई बार नियंत्रण खोकर टकरा जाते हैं। डेढ़ साल से काम चल रहा है, पर लगता है खत्म होने में अभी और लंबा समय लगेगा।
- देवेंदर सिंह, निवासी सांबा
प्रशासन सक्रिय, लेकिन राहत अभी दूर
हाल ही में जिला प्रशासन की तरफ से डीसी सांबा आयुषी सूदन और एसडीएम कवलजीत बाली ने निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर काम में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके, ज़मीन पर हालात अभी भी ज्यों के त्यों हैं—जाम की लंबी कतारें, उड़ती धूल और अव्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था लोगों की रोजमर्रा की परेशानी को बयान करती है।
दिसंबर 2026 नई समय सीमा
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर राजीव कुमार ने बताया कि परियोजना की तय समय सीमा पहले मार्च 2026 थी। मई में सीमा क्षेत्र में तनाव और अगस्त में भारी बारिश व बाढ़ के कारण कार्य प्रभावित हुआ जिससे देरी हुई है। अब निर्माण कार्य को पूरा करने की समय सीमा दिसंबर 2026 तक बढ़ाई गई है। संबंधित कंपनियों और ठेकेदारों को काम में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
सुरक्षा उपाय और जाम प्रबंधन की व्यवस्था की जाए
रोजाना इस रास्ते से गुजरने वाले लोगों के लिए इंतजार अब बोझ बनता जा रहा है। विकास का रास्ता जरूरी है लेकिन उसकी कीमत आम लोगों की सुरक्षा और सुविधा पर नहीं चुकाई जानी चाहिए। लोगों की मांग है कि वैकल्पिक मार्गों को मजबूत बनाया जाए, निर्माण क्षेत्रों में सुरक्षा उपाय बढ़ाए जाएं और जाम प्रबंधन की तत्काल व्यवस्था की जाए।
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सांबा। जम्मू-कठुआ राष्ट्रीय राजमार्ग पर धीमी गति से चल रहा फ्लाईओवर निर्माण कार्य ने लोगों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। सांबा, बाड़ी ब्राह्मणा, घगवाल और विजयपुर में सुबह-शाम भीषण जाम लगना अब रोजमर्रा की परेशानी बन चुका है।
कई बार बच्चे स्कूल देर से पहुंचते हैं और मरीजों को अस्पताल ले जाने में कीमती समय बर्बाद हो जाता है। दफ्तर जाने वाले लोग घंटों जाम में फंसकर थकान और तनाव से जूझ रहे हैं। सिडको चौक, मानसर मोड़ और सांबा फ्लाईओवर क्षेत्र में बदहाल सड़कों, धूल और संकरे वैकल्पिक मार्गों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। लोगों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में दुर्घटनाओं का आंकड़ा लगातार बढ़ा है लेकिन निर्माण एजेंसियों की गति में कोई ठोस सुधार नजर आता दिखाई नहीं दे रहा।
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हर सुबह बच्चे जाम में फंसकर देर से पहुंचते हैं। ऑफिस का आधा घंटे का सफर अब दो घंटे में पूरा होता है। सफर पूरा करने में पसीने छूट जाते हैं। अगर किसी को अस्पताल ले जाना हो तो कई घंटे पहले घर से निकलना पड़ता है। सड़क हमारे भले के लिए बन रही है, लेकिन इसकी देरी ने जिंदगी को मुश्किल बना दिया है।
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- राजीव सिंह, निवासी सांबा
सिडको चौक का हाल तो बदतर है। घर से निकलते वक्त यही चिंता रहती है कि कहीं रास्ते में हादसा न हो जाए। सांबा फ्लाईओवर के नीचे उतरते ही वाहन कई बार नियंत्रण खोकर टकरा जाते हैं। डेढ़ साल से काम चल रहा है, पर लगता है खत्म होने में अभी और लंबा समय लगेगा।
- देवेंदर सिंह, निवासी सांबा
प्रशासन सक्रिय, लेकिन राहत अभी दूर
हाल ही में जिला प्रशासन की तरफ से डीसी सांबा आयुषी सूदन और एसडीएम कवलजीत बाली ने निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर काम में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके, ज़मीन पर हालात अभी भी ज्यों के त्यों हैं—जाम की लंबी कतारें, उड़ती धूल और अव्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था लोगों की रोजमर्रा की परेशानी को बयान करती है।
दिसंबर 2026 नई समय सीमा
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर राजीव कुमार ने बताया कि परियोजना की तय समय सीमा पहले मार्च 2026 थी। मई में सीमा क्षेत्र में तनाव और अगस्त में भारी बारिश व बाढ़ के कारण कार्य प्रभावित हुआ जिससे देरी हुई है। अब निर्माण कार्य को पूरा करने की समय सीमा दिसंबर 2026 तक बढ़ाई गई है। संबंधित कंपनियों और ठेकेदारों को काम में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
सुरक्षा उपाय और जाम प्रबंधन की व्यवस्था की जाए
रोजाना इस रास्ते से गुजरने वाले लोगों के लिए इंतजार अब बोझ बनता जा रहा है। विकास का रास्ता जरूरी है लेकिन उसकी कीमत आम लोगों की सुरक्षा और सुविधा पर नहीं चुकाई जानी चाहिए। लोगों की मांग है कि वैकल्पिक मार्गों को मजबूत बनाया जाए, निर्माण क्षेत्रों में सुरक्षा उपाय बढ़ाए जाएं और जाम प्रबंधन की तत्काल व्यवस्था की जाए।

सांबा के सिडको चौक में जारी धीमे निर्माण कार्य के चलते रेंगते वाहन- फोटो : samvad

सांबा के सिडको चौक में जारी धीमे निर्माण कार्य के चलते रेंगते वाहन- फोटो : samvad