विधानसभा में नेकां और कांग्रेस के दिखे एक जैसे सुर
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विधान सभा सत्र के दूसरे दिन विपक्ष में बैठे नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस गठबंधन सरकार के खिलाफ कमर कसे हुए थे। दोनों ने जमकर हंगामा किया। इस कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई।
नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस सोमवार को एक ही सुर में गठबंधन सरकार को निशाना बनाते हुए दिखे। एक ओर विधान सभा में सदन की कार्यवाही शुरू होते ही दोनों दलों द्वारा बीफ बैन, चॉपर टैक्स और बाढ़ पीड़ितों के मसले पर हंगामा करते हुए पीडीपी-भाजपा सरकार पर निशाना साधा।
यही मुद्दे विधान परिषद में भी हावी रहे। वहां भी नेकां-कांग्रेस एक ही सुर में दिखे। दोनों दलों के एमएलसी द्वारा विधान परिषद में भी जमकर हंगामा किया गया।
बेल में उतारकर जमकर हंगामा किया
विधान सभा और विधान परिषद में जहां एक ओर पीडीपी-भाजपा सरकार हाय-हाय के नारे गूंजे, वहीं विधायकों और एमएलसी द्वारा बेल में उतारकर जमकर हंगामा किया गया। उनके द्वारा सरकारी दस्तावेज फाड़े गए और टेबलों पर चढ़कर हल्ला गुल्ला किया गया। इससे सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई। कई बार स्थगित भी करनी पड़ी।
भाजपा विधायक रविंदर रैणा का कहना है कि यह लोग सत्ता के भूखे हैं और कुर्सी से दूर होने से बौखलाए हैं। कहा कि जबसे सत्ता में उनकी गठबंधन सरकार आई, उससे यह काफी परेशान हैं। रैणा के अनुसार उन्हें समय बर्बाद किए बिना विकास के मुद्दों पर, लोगों की मुश्किलों पर चर्चा करनी चाहिए थी।
उन्होंने यह भी कहा कि नेशनल कांफ्रेंस का तो उन्हें पता था, लेकिन कांग्रेस के व्यवहार से वह हैरान हैं कि वह भी गोमांस प्रतिबंध का समर्थन कर रहे हैं।