J&K: वक्फ भूमि को औने-पौने दाम पर देने पर सरकार की किरकिरी
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जम्मू कश्मीर में वक्फ भूमि पर अतिक्रमण, अवैध कब्जों और औने-पौने दाम पर भूमि अलाट किए जाने के मामले पर सोमवार को विधान परिषद में जमकर हंगामा हुआ। नेशनल कांफ्रेंस की एमएलसी डा. शहनाज गनेई की ओर से उठाए गए इस मामले को कांग्रेस के अलावा सत्तापक्ष पीडीपी और भाजपा के सदस्यों का भी साथ मिला।
हंगामा बढ़ता देख और मामले के महत्त्व को देखते हुए चेयरमैन हाजी अनायत अली ने इस मामले पर हाउस कमेटी बनाने का फैसला सुनाया। उन्होंने कहा कि हाउस कमेटी इस पूरे मामले को देखेगी। इससे पूर्व प्रश्नकाल के दौरान नेकां एमएलसी डा. शहनाज गनेई ने कहा कि करोड़ों की वक्फ भूमि को औने-पौने दाम पर अलाट किया गया है।
पीडीपी एमएलसी यासिर रेशी ने भी कहा कि इस मामले की पूरी जांच होनी चाहिए। मौजूदा सरकार के अलावा पूर्ववर्ती सरकार की ओर से वक्फ भूमि को अलाट करने के सभी मामलों की जांच होनी चाहिए।
सरकार के खिलाफ लामबंद हुआ विपक्ष
कांग्रेस के गुलाम नबी मोंगा, नेकां के शौकत गनेई, नेकां के ही सज्जाद किचलू ने भी इस मामले पर हाउस कमेटी बनाने की मांग की। इससे पूर्व सरकार की तरफ से हज और ओकाफ मंत्री फारूक अंद्राबी के जवाब से जब विपक्षी सदस्य शांत न हुए तो सड़क एवं भवन निर्माण मंत्री अब्दुल रहमान वीरी ने कहा कि जायज मसला उठाया गया है।
वक्फ संपत्ति पर अवैध कब्जे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की अगुवाई में उन्होंने हज और ओकाफ मंत्री रहते काफी जमीन खाली करवाई थी। इसमें गांधीनगर गोल मार्केट में करोड़ों की भूमि भी शामिल है। उन्होंने कहा कि इस भूमि से अब वक्फ को सालाना 40 लाख के करीब आमदनी होगी।
गनेई की ओर से जम्मू में होटल फार्चून और वन भवन के करीब वक्फ की भूमि की जानकारी देने पर मंत्री ने कहा कि गुम्मट क्षेत्र में तीन कनाल और 17 मरले भूमि के दो पैच हैं। इसमें से दो कनाल भूमि खुली बोली में 1.25 करोड़ तारिक अहमद परे को दी गई। वहीं शेष एक कनाल 17 मरला भूमि को जेएंडके फाइनेंशियल कारपोरेशन के हक में अलाट करने की तरफ प्रक्रिया जारी है।