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Jammu News: पाइप डालने के लिए खोदी सड़क, मरम्मत कौन करेगा, पता नहीं

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road problem
- पीएचई विभाग ने कहा-ठेके पर कराया था काम, ठेकेदार बोला- सड़क बनवाने की जिम्मेदारी विभाग की
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- वेयर हाउस नेहरू मार्केट में घोड़ा स्टैंड वाली गली के थोक कारोबारी छह महीने से झेल रहे परेशानी
जम्मू। गजब व्यवस्था है। पानी की पाइपें डालने के लिए सड़क खोद डाली। छह महीने से सड़क उसी हालत में है। बारिश से मार्ग बदहाल है। उबड़-खाबड़ रास्ते पर कीचड़ फैला है। मरम्मत कौन करेगा पता ही नहीं। एक-दूसरे पर जिम्मेदारी थोपी जा रही है।
वेयर हाउस नेहरू मार्केट में थोक कारोबारी खोदी गई सड़क के कारण परेशानी झेल रहे हैं। जरा सी बारिश होने पर इस मार्ग पर पानी और कीचड़ हो जाता है। गुजरना मुश्किल हो जाता है। घोड़ा स्टैंड वाली गली को जाने वाली सड़क पूरी तरह से उखड़ी हुई है। कारोबारियों ने बताया कि पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग (पीएचई) विभाग ने पानी की पाइपें बिछाने के लिए सड़क खोदी थी, अब तक इसकी मरम्मत नहीं की गई।
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कारोबारी अशोक कुमार, विशाल गुप्ता और पवित्र गुप्ता ने बताया कि इस गली में लगभग 60 दुकानें हैं। हर सुबह दुकानदार इस आस से दुकान खोलते हैं कि आज तो सड़क की मरम्मत हो गई होगी लेकिन जब वह दुकान पर पहुंचते हैं तो निराश हो जाते हैं।
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इस सड़क पर आगे जाकर जोनल शिक्षा अधिकारी (जेडईओ) का कार्यालय और सरकारी स्कूल भी है। जर्जर मार्ग के कारण जेडईओ कार्यालय का स्टाफ भी बहुत परेशान है। इस गली में नालियां भी गंदगी से भरी पड़ी हैं।
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कारोबारियों का कोट..
आप खुद ही देख लीजिए क्या हालत है। हम तो कह-कह कर हार गए हैं। बारिश होने पर हालात बद से बदतर हो जाते हैं। बड़ी मुश्किल से दुकान पर पहुंचते हैं। विभाग को कारोबारियों की समस्या को गंभीरता से लेना चाहिए। आखिर हम करदाता हैं।
- पारस गुप्ता, कारोबारी, करियाना
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जब पाइपें डालने का काम चल रहा था तो मेरी दुकान का थड़ा (फर्श) तक तोड़ दिया। वो तो हमने खुद ही ठीक करवा लिया। सड़क की मरम्मत कराना हमारे बस की बात नहीं है। पीएचई विभाग के काम को लेकर सड़क उखाड़ी गई है,मरम्मत की जिम्मेदारी भी विभाग की बनती है।
- बंसी लाल, थोक कारोबारी
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- सड़क की हालत तो खराब है ही नालियों का हाल देख लीजिए। पानी की निकासी नहीं हो पा रही। हम तो यहां नरक में रह रहे हैं। काम-धंधे के कारण दुकान पर बैठना जरूरी है वर्ना जैसे हालात हैं यहां बैठना मुश्किल है। मच्छरों की भरमार है।
- सुभाष चंद्र, थोक कारोबारी, करियाना
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विभागीय कोट
पाइपें डालने के काम का ठेका दिया गया था। यह काम विभाग ने खुद नहीं कराया, ठेकेदार ने कराया है। ठेकेदार का फर्ज बनता है कि काम कराने से पहले सड़क जिस हालत में थी उसी तरह करके दे। आप ठेकेदार से एक बार बात कर लें।
- कृष्ण शर्मा, इंस्पेक्टर, पीएचई विभाग
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मुझे वहां पर पाइपें बिछाने का ठेका दिया गया था। मैंने विभाग को पाइपें डालकर दे दीं। पीएचई विभाग में प्रावधान है कि अगर उखाड़ी सड़क पर तारकोल डलना है तो यह काम पीडल्ब्यूडी, जेएमसी या अन्य संबंधित विभाग ने कराना होता है क्योंकि पीएचई उसे भुगतान करता है।
- विकास बख्शी, ठेकेदार
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पता करना पड़ेगा कि यह सड़क किस विभाग के अंतर्गत आती है। पीडब्ल्यूडी, रोड एंड बिल्डिंग्स (आरएंडबी) या जम्मू डेवलपमेंट अथॉरिटी (जेडीए) में से ही कोई न कोई विभाग होगा। पीएचई विभाग पता करवाकर जल्द से जल्द सड़क बनवाने का प्रयास करेगा।

- संजीव गुप्ता, एक्सईएन, पीएचई
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अगर पीएचई विभाग जेडीए को सड़क मरम्मत की लागत जितनी राशि जमा कराता है तो सड़क बनवा दी जाएगी। अगर पीएचई विभाग ने आरएंडबी या पीडब्ल्यूडी को राशि जमा करवा रखी है तो पता लगाकर सड़क का काम शुरू कराया जाएगा।

- विकास बहल, कार्यकारी अभियंता, जेडीए
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