{"_id":"5ba92eaf8b23c1bdc1f78079de0b8b12","slug":"ret-teachers-have-not-received-salaries-for-ten-months-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू: 12 फरवरी से शिक्षकों का हल्ला बोल प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू: 12 फरवरी से शिक्षकों का हल्ला बोल प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sat, 31 Jan 2015 08:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सर्व शिक्षा अभियान के तहत नियुक्त किए गए आरईटी शिक्षकों को दस महीने से वेतन नहीं मिला है। तीन जनवरी को शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने के बाद भी सरकार ने वेतन नहीं जारी किया है। इसलिए अब सभी आरईटी शिक्षक 12 फरवरी को जिला स्तर पर मांगों के लिए हल्ला बोलेंगे। यह जानकारी शनिवार को जेएंडके आरईटी टीचर्स फोरम के राज्य महासचिव नजम जाफरी ने बैठक में दी।
विज्ञापन
नजम जाफरी ने प्रदर्शन के लिए रणनीति तैयार करने को लेकर आयोजित की गई बैठक में बात रखते हुए कहा कि राज्य के सभी जिलों में एसएसए के तहत नियुक्त किए गए आरईटी शिक्षक बिना वेतन के काम कर रहे हैं। वेतन न मिलने के कारण शिक्षकों का पूरा परिवार आर्थिक परेशानियों से जूझने को मजबूर हो चुका है।
विज्ञापन
शिक्षकों के लिए घर की जरूरतों को पूरा करना परेशानी का सबब बन चुका है। कई बार मांग करने के बाद भी सरकार की तरफ से वेतन नहीं जारी किया जा रहा है। तीन जनवरी को सभी शिक्षकों ने प्रेस क्लब के बाहर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करके सरकार को एक महीने के अंदर वेतन जारी करने को कहा था, लेकिन अभी तक किसी भी शिक्षक को वेतन नहीं मिला है।
विज्ञापन
इसलिए अब सभी शिक्षकों ने निर्णय लिया है कि 12 फरवरी को पूरे राज्य में आरईटी फोरम वेतन की मांग को लेकर जिला स्तर पर डीसी कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन करके अपनी बात को सरकार तक रखेगी। प्रांतीय प्रधान राजेश सिंह ने कहा कि सभी आरईटी शिक्षक अपने जिलों में जिला प्रशासन के कार्यालय के बाहर एकजुट होकर धरना प्रदर्शन को कामयाब बनाएं।
बैठक में विशेष तौर पर राज्य उप प्रधान यूनिस राही, सुखदेव सिंह, सज्जाद मलिक, गुलजबीर दैंग, सुकेश खजूरिया, महेश कुमार, पंकज वर्मा, शाहनवाज हुसैन और अन्य कई सदस्य मौजूद थे।