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जम्मू-कश्मीर: पाबंदियों ने बढ़ाई श्रमिकों की समस्याएं, मजदूर संघ ने उठाई आवाज

Fri, 07 May 2021 12:50 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Fri, 07 May 2021 12:50 PM IST
सार

भारतीय मजदूर संघ ने श्रमिकों को पहचान पत्र मुहैया करवाने की मांग की है।

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Restrictions in Jammu Kashmir increase the problems of workers said trade union
जम्मू-कश्मीर में लॉकडाउन - फोटो : संजय कुमार

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में कोरोना पाबंदियां लागू हैं, लेकिन औद्योगिक इकाइयां चल रही हैं। ऐसे में पुलिस इन इकाइयों में काम करने वाले श्रमिकों को बिना उचित पहचान पत्र के काम पर नहीं जाने दे रहीं हैं। पुलिस द्वारा इन श्रमिकों से कंपनी का पहचान पत्र मांगा जा रहा है, लेकिन अधिकांश श्रमिकों के पास कंपनी का प्रमाण पत्र नहीं है। औद्योगिक इकाई द्वारा इन श्रमिकों को प्रमाण पत्र नहीं दिया जाता है। ऐसे में सरकार को चाहिए कि वे श्रमिकों को पहचान पत्र मुहैया करवाए, ताकि वे अपने कार्यस्थल पर बिना किसी परेशानी के पहुंच सकें। यह मांग भारतीय मजदूर संघ ने सरकार से की है।

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संघ के सदस्यों ने श्रम आयुक्त के सक्षम इस समस्या को उठाया है और विभाग से श्रमिकों के लिए उचित सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग की है। श्रम आयुक्त से मांग की कि वह सभी फैक्ट्री मालिकों और निर्माण कंपनियों को आदेश जारी करें कि श्रमिकों को पहचान पत्र उपलब्ध करवाएं।
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आशा कार्यकर्ताओं को मिले प्रोत्साहन- सीपीआई (एम)

कोविड योद्धाओं की तर्ज पर आशा कार्यकर्ताओं को भी प्रोत्साहन दिया जाए। यह मांग सीपीआई (एम) नेता मोहम्मद यूसुफ तारिगामी ने प्रदेश प्रशासन से की है। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में इन कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया जाए, ताकि वे अपने कार्य के लिए और प्रेरित हो सकें। उन्होंने इस संबंध में उप राज्यपाल मनोज सिन्हा को भी पत्र लिखा है।

अपने पत्र में उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं को स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ बताया है। गर्भवती महिलाओं के प्रबंधन, स्तनपान कराने वाली माताओं, नियमित प्रसव देखभाल, टीकाकरण, परिवार नियोजन सेवाओं जैसे अपने नियमित काम के अलावा कोविड-19 संक्रमित होम आइसोलेट मरीजों की निगरानी भी कर रही हैं। 

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