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भाषा के आधार पर आरक्षण का विरोध, जोरदार प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, कठुआ
Updated Sat, 23 Aug 2014 02:04 AM IST
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आल जम्मू-कश्मीर ओबीसी विकास मंच ने राज्य सरकार के खिलाफ भाषा के आधार पर आरक्षण देने का विरोध किया। मंच के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को शहीद भगत सिंह पार्क में सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि भाषा के आधार पर आरक्षण देकर सरकार राजनीतिक स्वार्थ पूरा करना चाहती है।
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वह ऐसा नहीं होने देंगे। ग्रामीण स्तर से लेकर तहसील स्तर पर सरकार का विरोध किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व करते हुए पूर्व एमएलसी चुन्नी लाल धीमन ने कहा कि 15 अगस्त को सरकार ने भाषा के आधार पर आरक्षण देने का जो ऐलान किया है वह आधारहीन है।
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उन्होंने कहा कि भाषा के आधार पर आरक्षण भारतीय संविधान में मान्य नहीं है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में बहुत सी भाषाएं बोली जाती है तो फिर हर भाषा को आरक्षण दिया जाना चाहिए। किसी एक भाषा को पिछड़ा मानकर उसे आरक्षण नहीं दिया जा सकता है।
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इससे बेहतर होता अगर सरकार ओबीसी को आरक्षण देती। इस मौके पर देव राज ने कहा कि केंद्र सरकार ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देती है और राज्य सरकार सिर्फ 2 प्रतिशत आरक्षण दे रही है, जो किसी भी सूरत में सही नहीं है।
उन्होंने कहा कि आबीसी को केवल दो प्रतिशत आरक्षण देकर सरकार 26 जातियों के साथ भेदभाव कर रही है। सरकार राज्य में जनगणना का सर्वे करवा रही है। लिहाजा ओबीसी को गणना के अनुसार ही आरक्षण को बढ़ाया जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार को चेतावनी देने के लिए ही उन्होंने प्रदर्शन किया लेकिन अगर सरकार ने सर्वे के बाद आरक्षण में इजाफा नहीं किया तो हर स्तर पर सरकार का विरोध करेंगे। प्रदर्शनकारियों में देवेन्द्र चलोत्रा, बिशन दास, विशाल सलगोत्रा, जगदीश राज व अन्य लोग मौजूद रहे।