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Jammu News: धनतेरस आज, शुभ मुहूर्त में करें खरीदारी व पूजन
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- घर में साबुत धनिया और झाड़ू खरीदकर लाने से होती है धन में वृद्धि
- त्रयोदशी तिथि का आज दोपहर 12:20 बजे से कल दोपहर 1:52 बजे तक रहेगा प्रभाव
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। कार्तिक मास की कृष्ण त्रयोदशी का धनतेरस पर्व शनिवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। त्रयोदशी तिथि 18 अक्तूबर दोपहर 12:20 बजे से 19 अक्तूबर दोपहर 1:52 बजे तक रहेगी। ऐसे में धनतेरस का पूजन प्रदोष काल में करना शास्त्र सम्मत माना गया है। 18 अक्तूबर को त्रयोदशी तिथि के साथ प्रदोष काल भी शाम 5:44 बजे से रात 8:14 बजे तक है। उसी को लेकर इस वर्ष धनतेरस 18 अक्तूबर को मनाया जाएगा।
तिरुपति बालाजी मंदिर के मुख्य पुजारी स्वामी अमित शुक्ला ने बताया कि धनतेरस पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 5:44 से 6:04 बजे तक है। इसमें सभी लोगों को यमराज, भगवान धनवंतरी, भगवान गणेश, मां लक्ष्मी और कुबेर देवता की पूजा करनी चाहिए। पूजन करने से पहले पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें। लकड़ी का पाटा लेकर उस पर स्वस्तिक बनाएं और धनवंतरी, लक्ष्मी-नारायण व श्रीगणेश की पूजा करें। शाम को पूड़ी या रोटी पर सरसों के तेल का दीपक जलाएं। दीपक पर रोली और चावल से तिलक करें, उसमें थोड़ा मीठा डालें और भोग अर्पित करें। इसके बाद दीपक को आशीर्वाद स्वरूप लेकर मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा में रख दें।
-- -- -- -- धनतेरस का पौराणिक महत्व
महंत रोहित शास्त्री ने बताया कि पौराणिक कथाओं के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान कार्तिक मास की कृष्ण त्रयोदशी को भगवान धनवंतरी अमृत कलश के साथ प्रकट हुए थे। चिकित्सा विज्ञान के विस्तार हेतु भगवान विष्णु ने धनवंतरी रूप में अवतार लिया। अतः इस दिन बर्तन (विशेषकर पीतल के) खरीदने की परंपरा है, जो शुभ और फलदायक मानी जाती है।
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-- -- -- इन वस्तुओं को घर में लाने से होती है वृद्धि
शास्त्री ने कहा कि धनतेरस पर 50 ग्राम साबुत धनिया खरीदकर मां लक्ष्मी और भगवान धनवंतरी के चरणों में अर्पित करें। बाद में इसे प्रसाद स्वरूप घर के सदस्यों में वितरित करें। यह उपाय आर्थिक वृद्धि में सहायक माना गया है। उन्होंने कहा कि इस दिन नई झाड़ू खरीदना शुभ होता है। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। झाड़ू का उपयोग छोटी दीपावली के दिन करें।
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खरीदारी और निवेश के लिए श्रेष्ठ मुहूर्त:
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:42 से 12:27 बजे तक। दोपहर 1:05 से 2:29 बजे तक, दोपहर 2:45 से शाम 5:30 बजे तक और शाम 5:32 से 6:04 बजे तक खरीदारी के लिए शुभ योग माना गया है।
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- त्रयोदशी तिथि का आज दोपहर 12:20 बजे से कल दोपहर 1:52 बजे तक रहेगा प्रभाव
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। कार्तिक मास की कृष्ण त्रयोदशी का धनतेरस पर्व शनिवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। त्रयोदशी तिथि 18 अक्तूबर दोपहर 12:20 बजे से 19 अक्तूबर दोपहर 1:52 बजे तक रहेगी। ऐसे में धनतेरस का पूजन प्रदोष काल में करना शास्त्र सम्मत माना गया है। 18 अक्तूबर को त्रयोदशी तिथि के साथ प्रदोष काल भी शाम 5:44 बजे से रात 8:14 बजे तक है। उसी को लेकर इस वर्ष धनतेरस 18 अक्तूबर को मनाया जाएगा।
तिरुपति बालाजी मंदिर के मुख्य पुजारी स्वामी अमित शुक्ला ने बताया कि धनतेरस पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 5:44 से 6:04 बजे तक है। इसमें सभी लोगों को यमराज, भगवान धनवंतरी, भगवान गणेश, मां लक्ष्मी और कुबेर देवता की पूजा करनी चाहिए। पूजन करने से पहले पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें। लकड़ी का पाटा लेकर उस पर स्वस्तिक बनाएं और धनवंतरी, लक्ष्मी-नारायण व श्रीगणेश की पूजा करें। शाम को पूड़ी या रोटी पर सरसों के तेल का दीपक जलाएं। दीपक पर रोली और चावल से तिलक करें, उसमें थोड़ा मीठा डालें और भोग अर्पित करें। इसके बाद दीपक को आशीर्वाद स्वरूप लेकर मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा में रख दें।
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महंत रोहित शास्त्री ने बताया कि पौराणिक कथाओं के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान कार्तिक मास की कृष्ण त्रयोदशी को भगवान धनवंतरी अमृत कलश के साथ प्रकट हुए थे। चिकित्सा विज्ञान के विस्तार हेतु भगवान विष्णु ने धनवंतरी रूप में अवतार लिया। अतः इस दिन बर्तन (विशेषकर पीतल के) खरीदने की परंपरा है, जो शुभ और फलदायक मानी जाती है।
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शास्त्री ने कहा कि धनतेरस पर 50 ग्राम साबुत धनिया खरीदकर मां लक्ष्मी और भगवान धनवंतरी के चरणों में अर्पित करें। बाद में इसे प्रसाद स्वरूप घर के सदस्यों में वितरित करें। यह उपाय आर्थिक वृद्धि में सहायक माना गया है। उन्होंने कहा कि इस दिन नई झाड़ू खरीदना शुभ होता है। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। झाड़ू का उपयोग छोटी दीपावली के दिन करें।
खरीदारी और निवेश के लिए श्रेष्ठ मुहूर्त:
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:42 से 12:27 बजे तक। दोपहर 1:05 से 2:29 बजे तक, दोपहर 2:45 से शाम 5:30 बजे तक और शाम 5:32 से 6:04 बजे तक खरीदारी के लिए शुभ योग माना गया है।