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Jammu News: बप्पा की भक्ति में लाल चौक मग्न, ढोल ताशे की थाप पर भक्तों ने मनाया जश्न
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बैंड-बाजे के साथ पहली बार निकाली गई गणपति बप्पा की झांकी, झेलम में किया विसर्जन
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी में पहली बार गणपति विसर्जन के अवसर पर गणपति बप्पा की भव्य झांकी निकाली गई। रंग-बिरंगे लिबास में भक्त ढोल और ताशे की थाप पर भक्ति में मग्न हो गए। मंगलवार को हरि सिंह हाई स्ट्रीट से बैंड-बाजे के साथ शुरू हुई झांकी श्रीनगर का दिल कहे जाने वाले लाल चौक पर पहुंची। बड़ी संख्या में भक्तों ने नाचते-गाते और रंगों की बारिश करते हुए भगवान गणेश की महिमा का गुणगान किया। गणपति बप्पा मोरया के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। लाल चौक से होते हुए झांकी वापस अमीरा कदल के पास स्थित हनुमान मंदिर पहुंची। जहां 11 से विराजमान गणपति की मूर्ति को झेलम नदी में विसर्जित किया गया। कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे कोलकाता के मानिक चतुरदास ने कहा, हम यहां कारोबार करते हैं। आज हमारे मराठी भाइयों ने गणपति विसर्जन के लिए भव्य कार्यक्रम आयोजन किया। बड़ी संख्या में महाराष्ट्र और बंगाल के लोगों ने शामिल होकर झांकी की शोभा बढ़ाई।
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी में पहली बार गणपति विसर्जन के अवसर पर गणपति बप्पा की भव्य झांकी निकाली गई। रंग-बिरंगे लिबास में भक्त ढोल और ताशे की थाप पर भक्ति में मग्न हो गए। मंगलवार को हरि सिंह हाई स्ट्रीट से बैंड-बाजे के साथ शुरू हुई झांकी श्रीनगर का दिल कहे जाने वाले लाल चौक पर पहुंची। बड़ी संख्या में भक्तों ने नाचते-गाते और रंगों की बारिश करते हुए भगवान गणेश की महिमा का गुणगान किया। गणपति बप्पा मोरया के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। लाल चौक से होते हुए झांकी वापस अमीरा कदल के पास स्थित हनुमान मंदिर पहुंची। जहां 11 से विराजमान गणपति की मूर्ति को झेलम नदी में विसर्जित किया गया। कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे कोलकाता के मानिक चतुरदास ने कहा, हम यहां कारोबार करते हैं। आज हमारे मराठी भाइयों ने गणपति विसर्जन के लिए भव्य कार्यक्रम आयोजन किया। बड़ी संख्या में महाराष्ट्र और बंगाल के लोगों ने शामिल होकर झांकी की शोभा बढ़ाई।