{"_id":"66c92f4a9532614a3c005bc9","slug":"religious-news-jammu-news-c-10-jam1008-426515-2024-08-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: नवदल तीर्थ यात्रा त्राल में पहुंचे श्रद्धालु, की शिव लिंगम की पूजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: नवदल तीर्थ यात्रा त्राल में पहुंचे श्रद्धालु, की शिव लिंगम की पूजा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्थानीय मुस्लिम समुदाय के साथ प्रशासन ने उत्सव के सुचारु संचालन के लिए की व्यापक व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
पुलवामा/श्रीनगर। पुलवामा जिले के त्राल में वार्षिक नवदल तीर्थ यात्रा उत्सव उत्साह के साथ मनाया गया। पारंपरिक रूप से श्री अमरनाथ यात्रा के समापन पर आयोजित इस उत्सव में देश भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं ने पवित्र झरने पर स्थित शिव लिंगम की पूजा की। रुद्राभिषेक, हवन और पारंपरिक अनुष्ठान किया गया। तीर्थयात्रियों ने छड़ी, कपड़ों सहित अन्य सामान का तर्पण किया।
सांप्रदायिक सद्भाव का दिल छू लेने वाला प्रदर्शन करते हुए स्थानीय मुस्लिम समुदाय ने प्रशासन के साथ मिलकर कार्यक्रम के सुचारु संचालन के लिए विस्तृत व्यवस्था की। स्वयंसेवकों ने भाईचारे की भावना का प्रदर्शन करते हुए तीर्थयात्रियों को पानी की बोतलें और जलपान कराया। एक श्रद्धालु ने कहा, यह दिन सदियों पुरानी परंपराओं का पालन करते हुए अमरनाथ यात्रा के समापन को चिह्नित करने के लिए मनाया जाता है। हम स्थानीय समुदाय के समर्थन और आतिथ्य के लिए बहुत आभारी हैं। एक अन्य श्रद्धालु ने कहा, यहां पाताली गंगा है, जिसका नीलमत पुराण और अमरकथा में भी वर्णन है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
पुलवामा/श्रीनगर। पुलवामा जिले के त्राल में वार्षिक नवदल तीर्थ यात्रा उत्सव उत्साह के साथ मनाया गया। पारंपरिक रूप से श्री अमरनाथ यात्रा के समापन पर आयोजित इस उत्सव में देश भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं ने पवित्र झरने पर स्थित शिव लिंगम की पूजा की। रुद्राभिषेक, हवन और पारंपरिक अनुष्ठान किया गया। तीर्थयात्रियों ने छड़ी, कपड़ों सहित अन्य सामान का तर्पण किया।
सांप्रदायिक सद्भाव का दिल छू लेने वाला प्रदर्शन करते हुए स्थानीय मुस्लिम समुदाय ने प्रशासन के साथ मिलकर कार्यक्रम के सुचारु संचालन के लिए विस्तृत व्यवस्था की। स्वयंसेवकों ने भाईचारे की भावना का प्रदर्शन करते हुए तीर्थयात्रियों को पानी की बोतलें और जलपान कराया। एक श्रद्धालु ने कहा, यह दिन सदियों पुरानी परंपराओं का पालन करते हुए अमरनाथ यात्रा के समापन को चिह्नित करने के लिए मनाया जाता है। हम स्थानीय समुदाय के समर्थन और आतिथ्य के लिए बहुत आभारी हैं। एक अन्य श्रद्धालु ने कहा, यहां पाताली गंगा है, जिसका नीलमत पुराण और अमरकथा में भी वर्णन है।
विज्ञापन