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14 बरस का वनवास फिर भी नहीं मिला राहत पैकेज
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Fri, 26 Sep 2014 06:19 PM IST
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जम्मू-कश्मीर पीओजेके रिफ्यूजी फ्रंट 1947, 1965 और 1971 के झंडे तले शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन भी संभागीय पुनर्वास अधिकारी की कार्यशैली के विरोध में रिफ्यूजियों ने प्रेस क्लब के बाहर प्रदर्शन जारी रखा।
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प्रदर्शनकारियों ने इस अवसर पर आरोप लगाया कि नौ अगस्त 2000 को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की सिफारिशों पर केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी किए गए वित्त पैकेज को अभी तक रिफ्यूजियों को जारी नहीं किया जा रहा है।
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प्रधान रछपाल सिंह चिब ने कहा कि पिछले 14 साल से पैकेज लागू नहीं किया जा रहा है। अब इसको बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस अवसर पर मंडलायुक्त जम्मू और राजस्व मंत्री से आग्रह किया कि वह पूरे मामले की जांच करवाएं और जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।
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उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से अपील की कि वह चुनाव आचार संहिता लगने से पूर्व पीओजेके रिफ्यूजियों के फाइनल सेटलमेंट को राज्य कैबिनेट से मंजूर करवाकर केंद्र सरकार को भेजें।