{"_id":"68d2e8362ccd3aa4b4072f24","slug":"reasi-ramleela-open-air-theater-chaman-lal-sharma-reasi-news-c-202-1-sjam1001-127752-2025-09-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: कैलाश पर्वत उठाने में रावण हुआ विफल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: कैलाश पर्वत उठाने में रावण हुआ विफल
विज्ञापन
रियासी में पारंपरिक रामलीला की शुरुआत
रियासी। जहां के ओपन एयर थियेटर में सोमवार शाम से श्री दुर्गा नाटक मंडली की तरफ से पारंपरिक रामलीला की शुरुआत की गई। पंडित चमन लाल शर्मा ने गणेश वंदना और प्रसाद बांट रामलीला की शुरुआत करवाई।
इससे पहले मंडली के वरिष्ठ सदस्य मेला राम उपाध्याय ने श्री सनातन धर्म सभा के प्रधान बृज मोहन शर्मा,मंडली के चेयरमैन सुदेश पड़ोतरा,प्रधान संजीव खजूरिया व उपप्रधान विकास शर्मा की मौजूदगी में ज्योत प्रज्वलित की। रामलीला का पहला दृश्य कैलाश तलहटी का हुआ जिस में कैलाश पर्वत को पार करते समय रावण का वाहन रुक जाता है। क्रोध में आ कर रावण कैलाश को अपने हाथों से उठाने का असफल प्रयास करता है।
भगवान शिव की स्तुति कर उन्हें प्रसन्न करता है व उपहार में चंद्रहार तलवार प्राप्त करता है। दृश्य में अतुल केसर ने शिव,पवन खजुरिया ने नंदी,हरीश मगोत्रा ने रावण व मामा मारीच की भूमिका में जुगल खजुरिया नजर आए। दूसरा दृश्य रावण वेदमती संवाद का हुआ जिस में वेदमती भगवान विष्णु की आराधना में है मौके पर पहुंचा रावण उस की सुंदरता को देख विवाह का प्रस्ताव रखता है जिसे वेदमती नकार देती है। रावण द्वारा उसके केश छू लेने पर वेदमती अग्नि में कूद जाती हैं। अगले जन्म में सीता के रूप में उसके प्राण हरण करने का श्राप देती हैं।
विज्ञापन
सोमवार रात अंतिम दृश्य देवलोक का हुआ जिस में रावण के आतंक से परेशान सभी देवता भगवान विष्णु के पास आते हैं। उनकी पूजा कर उन्हें रावण से छुटकारा दिलवाने का आग्रह करते हैं। इस वर्ष रियासी में रामलीला का 136वां मंचन हो रहा है। वहीं वैष्णो कला मंच विजयपुर व अमर शक्ति रामलीला क्लब अगार बल्लियां के अलावा माड़ी और ग्रा मोड़ में भी रामलीला की शुरुआत हुई।
विज्ञापन
रियासी। जहां के ओपन एयर थियेटर में सोमवार शाम से श्री दुर्गा नाटक मंडली की तरफ से पारंपरिक रामलीला की शुरुआत की गई। पंडित चमन लाल शर्मा ने गणेश वंदना और प्रसाद बांट रामलीला की शुरुआत करवाई।
इससे पहले मंडली के वरिष्ठ सदस्य मेला राम उपाध्याय ने श्री सनातन धर्म सभा के प्रधान बृज मोहन शर्मा,मंडली के चेयरमैन सुदेश पड़ोतरा,प्रधान संजीव खजूरिया व उपप्रधान विकास शर्मा की मौजूदगी में ज्योत प्रज्वलित की। रामलीला का पहला दृश्य कैलाश तलहटी का हुआ जिस में कैलाश पर्वत को पार करते समय रावण का वाहन रुक जाता है। क्रोध में आ कर रावण कैलाश को अपने हाथों से उठाने का असफल प्रयास करता है।
विज्ञापन
भगवान शिव की स्तुति कर उन्हें प्रसन्न करता है व उपहार में चंद्रहार तलवार प्राप्त करता है। दृश्य में अतुल केसर ने शिव,पवन खजुरिया ने नंदी,हरीश मगोत्रा ने रावण व मामा मारीच की भूमिका में जुगल खजुरिया नजर आए। दूसरा दृश्य रावण वेदमती संवाद का हुआ जिस में वेदमती भगवान विष्णु की आराधना में है मौके पर पहुंचा रावण उस की सुंदरता को देख विवाह का प्रस्ताव रखता है जिसे वेदमती नकार देती है। रावण द्वारा उसके केश छू लेने पर वेदमती अग्नि में कूद जाती हैं। अगले जन्म में सीता के रूप में उसके प्राण हरण करने का श्राप देती हैं।
विज्ञापन
सोमवार रात अंतिम दृश्य देवलोक का हुआ जिस में रावण के आतंक से परेशान सभी देवता भगवान विष्णु के पास आते हैं। उनकी पूजा कर उन्हें रावण से छुटकारा दिलवाने का आग्रह करते हैं। इस वर्ष रियासी में रामलीला का 136वां मंचन हो रहा है। वहीं वैष्णो कला मंच विजयपुर व अमर शक्ति रामलीला क्लब अगार बल्लियां के अलावा माड़ी और ग्रा मोड़ में भी रामलीला की शुरुआत हुई।