फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Reasi Lashkar terrorist: Terrorist Talib was in touch with Pakistani handler

Reasi Lashkar Terrorist: पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में था आतंकी तालिब, राजोरी-पुंछ में आतंकवाद को फिर सक्रिय करने की कोशिश   

Mon, 04 Jul 2022 03:04 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, रियासी
अमर उजाला नेटवर्क, रियासी Published by: विमल शर्मा Updated Mon, 04 Jul 2022 03:04 AM IST
सार

पुलिस के अनुसार तालिब पाकिस्तान में लश्कर आतंकी कासिम के लगातार संपर्क में था। वह पाकिस्तानी लश्कर हैंडलर सलमान के भी लगातार संपर्क में चल रहा था। राजोरी में तालिब ने आईआईडी से तीन धमाकों को अंजाम दिया था।

विज्ञापन
Reasi Lashkar terrorist: Terrorist Talib was in touch with Pakistani handler
रियासी में पकड़ा गया आतंकी तालिब हुसैन - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

लश्कर-ए-ताइबा के आतंकी तालिब हुसैन का मॉड्यूल 28 जून को सुरक्षाबलों ने राजोरी में ध्वस्त कर दिया था। इसके बाद भी वह अपने पाकिस्तानी हैंडलरों के संपर्क में था। राजोरी में आईईडी से धमाकों के मामले की जांच के दौरान मॉड्यूल में शामिल दो आतंकी पकड़े गए थे। उनसे पूछताछ के बाद जंगल क्षेत्र से पांच आईईडी बरामद की गई थीं।

विज्ञापन

तालिब राजोरी से फरार होकर रियासी में जा छिपा

साथियों के पकड़े जाने पर तालिब राजोरी से फरार होकर रियासी में जा छिपा। पुलिस के अनुसार तालिब पाकिस्तान में लश्कर आतंकी कासिम के लगातार संपर्क में था। वह पाकिस्तानी लश्कर हैंडलर सलमान के भी लगातार संपर्क में चल रहा था। राजोरी में तालिब ने आईआईडी से तीन धमाकों को अंजाम दिया था। इसमें एक नागरिक की मौत हो गई थी।

विज्ञापन

कोटरंका में 26 मार्च को दो आईईडी धमाके किए

पूछताछ में पता चला है कि इस मॉड्यूल का मकसद राजोरी और पुंछ में दोबारा आतंकवाद को जीवित करना था। इसी कड़ी में आतंकियों ने राजोरी के कोटरंका में 26 मार्च को दो आईईडी धमाके किए। इसके बाद 19 अप्रैल को भी आईईडी विस्फोट किया जिसमें दो लोग जख्मी हो गए थे। इसके बाद 24 अप्रैल को राजोरी के शाहपुर बुद्धल में आईईडी से धमाका किया गया, जिसमें दो लोग घायल हो गए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

कभी आतंकियों का गढ़ था माहौर

रियासी जिले का माहौर इलाका कभी आतंकियों का गढ़ हुआ करता था। आतंक रोधी अभियानों में सुरक्षा बलों ने यहां कई पाकिस्तानी व स्थानीय आतंकियों को ढेर किया। लगातार ऑपरेशन में आतंक का सफाया कर वर्ष 2013 में रियासी जिले को आतंकवाद मुक्त घोषित किया गया।

सुरक्षा बलों ने जब आतंक का नेटवर्क ध्वस्त किया

रियासी जिला एक तरफ से राजोरी जबकि दूसरी तरफ कश्मीर घाटी के कुलगाम और शोपियां की सरहद से सटा हुआ है। एलओसी से घुसपैठ के बाद आतंकी रियासी जिले के इस रूट से कश्मीर घाटी तक पहुंचते थे। सुरक्षा बलों ने जब आतंक का नेटवर्क ध्वस्त किया तो कई आतंकियों ने आत्मसमर्पण भी किया। दो आतंकियों के पकड़े जाने से इस इलाके को दोबारा आतंकवाद में झोंकने की साजिश से जोड़कर देखा जा रहा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed