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नशे से होते हैं झगड़े, टूट जाते हैं परिवार : शास्त्री
Thu, 12 Sep 2024 03:16 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Thu, 12 Sep 2024 03:16 AM IST
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नगर के वार्ड छह में श्रीमद्भागवत कथा का तीसरा दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
रियासी। नशा वह बुराई है, जिससे परिवार तक टूट जाते हैं। आपस में झगड़े होते हैं। इसलिए, इससे दूर रहकर प्रभु की शरण में आएं। यह ज्ञान बुधवार को नगर के वार्ड के बैंक्वेट हाल में जारी श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन संत सुभाष शास्त्री ने संगत को दिया।
उन्होंने बताया कि ज्ञान का धन कभी समाप्त नहीं होता है। वह ताउम्र सीखने और सीखाने के लिए प्रेरित करता है। यही जीवन जीने की कला है।
जब हम गलत दिशा चुनते हैं तो शराब, मीट सहित अन्य नशों का सेवन करना शुरू कर देते हैं। इससे बुद्धि कोई निर्णय लेने में सक्षम नहीं रहती है। नशा हर लड़ाई-झगड़े का कारण बनता है। परिवार के परिवार टूट जाते हैं। नशे में इंसान जब कोई भी गलत काम कर जाता है, जिससे हानि ही होती है।
कथा का समापन रविवार को होगा, जिसके बाद संगत को प्रसाद वितरित किया जाएगा। कथा सुनने किए रोजाना बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रियासी। नशा वह बुराई है, जिससे परिवार तक टूट जाते हैं। आपस में झगड़े होते हैं। इसलिए, इससे दूर रहकर प्रभु की शरण में आएं। यह ज्ञान बुधवार को नगर के वार्ड के बैंक्वेट हाल में जारी श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन संत सुभाष शास्त्री ने संगत को दिया।
उन्होंने बताया कि ज्ञान का धन कभी समाप्त नहीं होता है। वह ताउम्र सीखने और सीखाने के लिए प्रेरित करता है। यही जीवन जीने की कला है।
जब हम गलत दिशा चुनते हैं तो शराब, मीट सहित अन्य नशों का सेवन करना शुरू कर देते हैं। इससे बुद्धि कोई निर्णय लेने में सक्षम नहीं रहती है। नशा हर लड़ाई-झगड़े का कारण बनता है। परिवार के परिवार टूट जाते हैं। नशे में इंसान जब कोई भी गलत काम कर जाता है, जिससे हानि ही होती है।
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कथा का समापन रविवार को होगा, जिसके बाद संगत को प्रसाद वितरित किया जाएगा। कथा सुनने किए रोजाना बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।