जम्मू। संभाग के दस जिलों में 250 के करीब डाक्टर एक ही जगह वर्षों से बैठे हैं। इनमें कई डाक्टर 10 से 5 साल से डटे हैं। डाॅक्टरों को जम्मू जिला सबसे अधिक भा रहा है और यहां 40 प्रतिशत डाॅक्टर विभागीय मिलीभगत से एक ही जगह डटे हुए हैं। सरकार के नए आदेश में वर्षों से एक ही जगह बैठे डाॅक्टरों का तीन चरणों में युक्तिकरण किया जा रहा है। इसमें 10, 5 और 3 साल की अवधि ली गई है। इसी तरह संभागभर के चिकित्सा केंद्रों में करीब 2500 पैरा मेडिकल स्टाफ भी एक ही जगह सालों से जमा हुआ है। डॉक्टरों के साथ पैरा मेडिकल स्टाफ के युक्तिकरण की तैयारी चल रही है।
सूत्रों के अनुसार संभाग के चिकित्सा केंद्रों में वर्षों से एक ही जगह पर तैनात कुल डाॅक्टरों में करीब 100 जम्मू जिले में डटे हुए हैं, यानी 40 प्रतिशत डाॅक्टर यहीं हैं। सरकार ने ऐसे डाॅक्टरों के युक्तिकरण की तैयारी की है, लेकिन अभी इस प्रक्रिया को शुरू नहीं किया गया है। नई व्यवस्था के तहत तीन चरणों में युक्तिकरण की प्रक्रिया की जाएगी। जिसमें देखा जाएगा कि डाॅक्टरों को दूसरे स्थानों पर भेजने से व्यवस्थाओं पर क्या प्रभाव पड़ेगा। इसमें जरूरत के मुताबिक चिकित्सा केंद्रों में डाॅक्टरों की नियुक्ति की जाएगी। रियासी, उधमपुर, सांबा और रामबन को छोड़कर अन्य जिलों में प्रत्येक में 10 से 20 डाॅक्टर वर्षों से एक ही जगह बैठे हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे डाॅक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ की सूची तैयार कर सचिवालय में भेज दी है। वहीं, युक्तिकरण की संभावना से डाॅक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ स्वास्थ्य निदेशालय के चक्कर काटने के साथ अधिकारियों के संपर्क में आ रहा है।