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कैलाश पर्वत प्रसंग में गुंजे बम-बम भोले के जयघोष
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जम्मू। परेड स्थित दीवान मंदिर में रामलीला मंचन के दूसरे दिन नारद मोह, और वेदवती-रावण के प्रसंगों का मंचन किया गया, जिसे कलाकारों ने बड़े ही सुंदर ढंग से प्रदर्शित किया। नारद जी को अभिमान हो जाता है, जिसको भगवान श्री विष्णु अपनी महिमा से भंग कर देते है, जिस पर नारद भगवान विष्णु को श्राप दे देता है। इसके बाद रावण का जन्म हुआ।
रावण अपनी अहंकार की वजह से वेदवती से श्रापित हो जाता है। इसके कैलाश पर्वत प्रसंग का मंचन हुआ, जिसमें भगवान भोले नाम महिमा देखने को मिली। कैलाश पर्वत के प्रसंग शुरू होते ही भोलेनाथ के जयघोष से परिसर गूंज उठा। आज दीवान मंदिर में रामलीला का अंतिम दिन है, जिसमें सिता स्वयंवर, धनुष यज्ञ, फूलवारी प्रसंग का मंचन किया जाएगा। रामलीला में राम का किरदार विजय शर्मा, लक्ष्मण साहिल, रावण संजीव केरानी, सीता और वेदवती कोमल परिहार और नारद का पवन ने किया।
सनातन धर्म नाटक समाज की और से रामलीला का मंचन किया जा रहा है। इस दौरान काफी संख्या में लोग रामलीला को देखने पहुंचे। लोगों ने कलाकारों के अभिनय की प्रशंसा की और क्लब के लिए दान भी दिया। कोविड एसओपी का पालन करते हुए रामलीला का मंचन किया जा रहा है।
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रावण अपनी अहंकार की वजह से वेदवती से श्रापित हो जाता है। इसके कैलाश पर्वत प्रसंग का मंचन हुआ, जिसमें भगवान भोले नाम महिमा देखने को मिली। कैलाश पर्वत के प्रसंग शुरू होते ही भोलेनाथ के जयघोष से परिसर गूंज उठा। आज दीवान मंदिर में रामलीला का अंतिम दिन है, जिसमें सिता स्वयंवर, धनुष यज्ञ, फूलवारी प्रसंग का मंचन किया जाएगा। रामलीला में राम का किरदार विजय शर्मा, लक्ष्मण साहिल, रावण संजीव केरानी, सीता और वेदवती कोमल परिहार और नारद का पवन ने किया।
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सनातन धर्म नाटक समाज की और से रामलीला का मंचन किया जा रहा है। इस दौरान काफी संख्या में लोग रामलीला को देखने पहुंचे। लोगों ने कलाकारों के अभिनय की प्रशंसा की और क्लब के लिए दान भी दिया। कोविड एसओपी का पालन करते हुए रामलीला का मंचन किया जा रहा है।
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