रमजान 2023: जम्मू कश्मीर में जल्द ही अपनी रुएत-ए- हिलाल समिति संभव- द्रख्शां अंद्राबी
वक्फ बोर्ड ने जम्मू-कश्मीर रुएत-ए-हिलाल समिति के गठन के संबंध में जनता से सुझाव मांगे हैं। यह समिति रमजान जैसे पवित्र कब मनाना है इसके बारे में फैसला करेगी।
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रमजान के पहले दिन बड़ी संख्या में नमाजी श्रीनगर की जामिया मस्जिद में जुमे की नमाज अदा करने के लिए पहुंचे। वहीं, वक्फ बोर्ड ने जम्मू-कश्मीर रुएत-ए-हिलाल समिति के गठन के संबंध में जनता से सुझाव मांगे हैं। यह समिति रमजान जैसे पवित्र कब मनाना है इसके बारे में फैसला करेगी। जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की अध्यक्ष की अध्यक्ष द्रख्शां अंद्राबी ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि हजरतबल दरगाह से तरावीह की नमाज का सीधा प्रसारण शुक्रवार से शुरू होगा। बोर्ड अध्यक्ष का बयान प्रदेश में चांद दिखने को लेकर असमंजस की स्थिति के एक दिन बाद आया है।
दरअसल गुरुवार को रमजान मनाने (पहले रोजे की शुरुआत) के लिए कश्मीर में देर रात घोषणा की गई थी। हालांकि कश्मीर के कई उलेमाओं ने ऐलान किया था कि रमजान शुक्रवार से शुरू होगा। अंद्राबी ने कहा कि अभी तक यह परंपरा थी कि ग्रैंड मुफ्ती जो ऐलान करते थे लोग उसी का पालन करते थे, लेकिन इस बार जो संशय पैदा हुआ उसके बाद हम सबको सोचना पड़ेगा कि हमारे पास भी एक ऐसी कमेटी हो जिसके पास आला किस्म के टेलिस्कोप मौजूद हों।
साथ ही एक ऐसा कंट्रोल रूम हो जहां से खुद चांद देख सकें और यह तय करें कि हमें ईद और रमज़ान कब मनाना है। क्योंकि, वैज्ञानिक दौर है, हमारे पास हर चीज़ मौजूद है। हमारा मौसम विभाग अच्छे से काम कर रहा है। अगली ईद तक हम कोशिश करेंगे कि यह संशय दोबारा पैदा न हो।
हजरत बल में विशेष तैयारियां
गौरतलब है कि द्रख्शां अंद्राबी ने कहा कि दरगाह हजरतबल में रमजान के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं, ताकि बारिश या अत्यधिक गर्मी के कारण श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।