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Jammu News: भद्रा के साये में बहनों ने की भागदौड़ कोई अखनूर तो कोई पहुंची खौड़
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- सुबह 05:36 से 07:06 बजे तक शुभ मुहूर्त पर बहनों ने भाइयों की कलाई पर बांधा रक्षा सूत्र
- युवाओं ने दिन भर पतंगबाजी का लिया लुत्फ
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। रक्षाबंधन पर भद्रा का साया होने से बहनों को तड़के ही घर से मायके तक भागदौड़ करनी पड़ी। क्योंकि सुबह 05:36 से 07:06 बजे तक ही भाई को राखी बांधने का शुभ मुहूर्त था। शहर में अधिकांश लोगों ने वीरवार को ही त्योहार मनाया। कुछ बहनों को मायके घर अखनूर, खौड़ के साथ अन्य दूरदराज इलाकों में पहुंचना पड़ा। कई बहनें बुधवार शाम को ही मायके पहुंच गईं थीं।
लगातार दूसरे साल रक्षाबंधन भद्रा के साये के बीच मनाया गया। वीरवार को सुबह ही बहनें भाई के घर राखी बांधने पहुंचीं। भाइयों ने भी उपहार देकर बहन की रक्षा का वचन दिया। शहर के अधिकांश बाजारों में सुबह से चहलपहल शुरू हो गई थी। रक्षाबंधन पर भद्रा नक्षत्र के चलते बहनों को न सिर्फ राखी बांधने का कम समय मिला, बल्कि भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए एक दिन का लंबा इंतजार करना पड़ा। राखी बांधने के बाद पतंगबाजी का भी सिलसिला शुरू हुआ। डीजे की धुन पर युवाओं ने दिन भर पतंगबाजी का लुत्फ उठाया। पूरा आसमान रंगबिरंगी पतंगों से पटा दिखा।
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युवतियाें ने भगवान बलराम की प्रतिमा को बांधी राखी
शहर के सर्कुलर रोड स्थित श्री बलराम मंदिर में बड़ी संख्या में भक्तजन पहुंचे। युवतियों ने भगवान बलराम की प्रतिमा को राखी बांधकर आशीर्वाद लिया। मान्यता है कि जिन युवाओं की शादी में रुकावट आती है वे भगवान बलराम को राखी बांधकर मनोकामना मांगते हैं, जो पूरी हो जाती है।
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- युवाओं ने दिन भर पतंगबाजी का लिया लुत्फ
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। रक्षाबंधन पर भद्रा का साया होने से बहनों को तड़के ही घर से मायके तक भागदौड़ करनी पड़ी। क्योंकि सुबह 05:36 से 07:06 बजे तक ही भाई को राखी बांधने का शुभ मुहूर्त था। शहर में अधिकांश लोगों ने वीरवार को ही त्योहार मनाया। कुछ बहनों को मायके घर अखनूर, खौड़ के साथ अन्य दूरदराज इलाकों में पहुंचना पड़ा। कई बहनें बुधवार शाम को ही मायके पहुंच गईं थीं।
लगातार दूसरे साल रक्षाबंधन भद्रा के साये के बीच मनाया गया। वीरवार को सुबह ही बहनें भाई के घर राखी बांधने पहुंचीं। भाइयों ने भी उपहार देकर बहन की रक्षा का वचन दिया। शहर के अधिकांश बाजारों में सुबह से चहलपहल शुरू हो गई थी। रक्षाबंधन पर भद्रा नक्षत्र के चलते बहनों को न सिर्फ राखी बांधने का कम समय मिला, बल्कि भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए एक दिन का लंबा इंतजार करना पड़ा। राखी बांधने के बाद पतंगबाजी का भी सिलसिला शुरू हुआ। डीजे की धुन पर युवाओं ने दिन भर पतंगबाजी का लुत्फ उठाया। पूरा आसमान रंगबिरंगी पतंगों से पटा दिखा।
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युवतियाें ने भगवान बलराम की प्रतिमा को बांधी राखी
शहर के सर्कुलर रोड स्थित श्री बलराम मंदिर में बड़ी संख्या में भक्तजन पहुंचे। युवतियों ने भगवान बलराम की प्रतिमा को राखी बांधकर आशीर्वाद लिया। मान्यता है कि जिन युवाओं की शादी में रुकावट आती है वे भगवान बलराम को राखी बांधकर मनोकामना मांगते हैं, जो पूरी हो जाती है।
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