राज्यसभा चुनाव: दूसरे दिन भी सन्नाटा...कोई नामांकन नहीं, अब सिर्फ चार दिन शेष, 13 अक्तूबर है आखिरी तारीख
राज्यसभा चुनाव के लिए दूसरे दिन भी कोई नामांकन नहीं हुआ, जबकि नामांकन की अंतिम तिथि 13 अक्तूबर है। भाजपा ने दिल्ली में देर रात बैठक कर संभावित प्रत्याशियों के नाम तय कर लिए हैं, अब सिर्फ औपचारिक घोषणा बाकी है।
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जम्मू-कश्मीर में भाजपा के राज्यसभा दावेदारों की उम्मीदों पर फिलहाल विराम लग गया है। कहा जा रहा है कि नई दिल्ली में मंगलवार रात को राष्ट्रीय महासचिव संगठन बीएल संतोष की मौजूदगी में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा और संगठन महामंत्री अशोक कौल के साथ उम्मीदवारों के नामों, सीटों पर जीत-हार की संभावनाएं और सियासी समीकरणों पर मंथन हुआ।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और जम्मू-कश्मीर मामलों के प्रभारी तरुण चुघ भी बैठक में शामिल हुए। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में प्रत्याशियों के नाम लगभग तय हो गए हैं और घोषणा भर बाकी है। राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 13 अक्तूबर है। माना जा रहा है कि जो सूची सौंपी गई है और जिन नामों पर मंथन हुआ है उनमें मुख्य प्रवक्ता सुनील सेठी, पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र रैना का नाम सबसे आगे है।
बीते दिनों राष्ट्रीय महासचिव व प्रदेश प्रभारी तरुण चुघ के जम्मू आने पर पार्टी की कोर ग्रुप की बैठक हुई थी। प्रदेश प्रभारी ने मौजूदा राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा कर संभावित प्रत्याशी को लेकर पार्टी पदाधिकारियों के साथ मंथन किया था। इसके बाद सोमवार को प्रदेश अध्यक्ष व संगठन महामंत्री नई दिल्ली पहुंच गए। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को मानना है कि जो नाम चर्चा में हैं उन्हीं में कोई राज्यसभा जाएगा। भाजपा नेताओं का कहना है कि अंतिम नामों पर सहमति रात की बैठक में ही बन गई है। संसदीय बोर्ड आगे की घोषणा करेगा।
आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन कराएं अधिकारी : डीईओ
जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) बडगाम डॉ. बिलाल मोही-उद-दीन भट ने मंगलवार को बैठक कर बडगाम उपचुनाव की तैयारियों की समीक्षा की। डीईओ ने तहसील स्तरीय अधिकारियों को निर्वाचन क्षेत्र में सुचारु, समन्वित व्यवस्था सुनिश्चित करने और आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए।
डीईओ ने कहा कि सभी हितधारक दिशानिर्देशों का पालन करें। राजनीतिक दलों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने, जिले में स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण चुनाव कराने की आवश्यकता पर बल दिया गया। अधिकारियों से कहा कि सभी मतदान स्थलों पर पेयजल, निर्बाध बिजली, व्हीलचेयर और अन्य न्यूनतम सुनिश्चित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
डीईओ ने मतदाता पर्ची और ईपीआईसी कार्ड वितरण, वेबकास्टिंग और साइनेज की व्यवस्था, मतदान कर्मियों, चिकित्सा दलों और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की भी समीक्षा की। डीईओ ने कहा कि सभी गतिविधियां आपसी समन्वय के साथ संचालित की जाएं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी बडगाम ने डीईओ को बताया कि बडगाम सीट पर 1.25 लाख मतदाताओं के लिए 173 मतदान केंद्र हैं।