राजनाथ ने ओबामा को दिया करारा जवाब
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को करारा जवाब दिया है। ओबामा ने भारत में बढ़ रही धार्मिक असहिष्णुता के बारे में बयान देते हुए कहा था कि, आज के हालात देखकर महात्मा गांधी को भी धक्का लगता।
ओबामा ने कहा था कि कोई भी देश तभी मज़बूत होता है जब वहां रह रहे सभी धर्मों के लोगों को पूरी धार्मिक स्वतंत्रता हो।
इसके जवाब में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, भारत विश्व में अकेला देश है, जहां धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं हैं। राजनाथ कश्मीर में एसएसबी के दीक्षांत समारोह में शिरकत करने पहुंचे थे।
राजनाथ ने चीन को बताया खतरा
गृहमंत्री ने सीमा पर चीन की गतिविधियों को भी चिंता का विषय बताया। उन्होंने सीमा पर भारतीय संस्कृति केंद्र और एफएम रेडियो शुरू करने की जरूरत बताई।
कहा कि आर्थिक आतंकवाद रोकने में एसएसबी सक्षम है। बृहस्पतिवार को एसएसबी के सहायक सेनानायकों के दीक्षांत समारोह में शिरकत करने पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कि कदम से कदम मिलाना सीख लिया तो बहुत कुछ सीख लिया।
पांच दशकों में एसएसबी ने शानदार उपलब्धियां हासिल की हैं। नेपाल और भूटान भारत के मित्र राष्ट्र हैं। उन्होंने असम में एसएसबी की भूमिका की भी प्रशंसा की।
कहा कि कट्टरपंथी व भारत विरोधी कुछ ताकतों ने नेपाल और भूटान को अपना केंद्र बना लिया है। वे भारत में जाली नोट, ड्रग्स व हथियारों की तस्करी के जरिए आर्थिक आतंकवाद फैला रहे हैं।
पढ़ें ओबामा का पूरा बयान
नेशनल प्रेयर ब्रेकफास्ट कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति का संदेश यह था कि, धर्म की स्वतंत्रता एक मौलिक अधिकार है और किसी भी देश तभी मज़बूत होता है जब वहां सभी धर्म के लोगों को बिना किसी उत्पीड़न, डर और भेदभाव के, अपने धर्म को पालन करने की आज़ादी हो।
भारत में हाल के वर्षों में धार्मिक असहिष्णुता बढ़ी है और ये इतनी बढ़ी है कि अगर आज गांधीजी होते तो उन्हें भी इससे धक्का लगता।
मिशेल और मैं भारत से लौटे हैं। एक अविश्वसनीय, सुंदर देश जहां ज़बरदस्त विविधता है। लेकिन हाल के वर्षों में वहां सभी धर्म के लोगों पर एक दूसरे के हमले बढ़े हैं। ऐसी असहिष्णुता गांधीजी को भी दहला देती, जिन्होंने भारत को आज़ाद कराने में योगदान दिया था।