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Jammu News: बारिश से टूट रहा बसंतर दरिया पर बने तटबंध का किनारा
Sun, 18 Aug 2024 04:45 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Sun, 18 Aug 2024 04:45 AM IST
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भूमि कटाव से तटबंध को नुकसान होने पर चपेट में आएंगे 12 गांव
इससे पहले भी तटबंध टूटने से 5000 एकड़ भूमि बाढ़ के पानी से हो चुकी है बर्बाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिले के रामगढ़ के तहत आने वाले सीमावर्ती गावों के आगे बनाया तटबंध बारिश के कारण टूट रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार यदि अधिक बारिश होती है तो बसंतर दरिया में होने वाले भूमि कटाव से तटबंध को नुकसान होने पर 12 गांव इसकी चपेट में आ जाएंगे।
स्थानीय पूर्व सरपंच राम पाल, सेवानिवृत सूबेदार सेवा राम, अनिल कुमार, अजीत सिंह, दीप सिंह, रोशन लाल, अनिल कांत और रोेशन ने कहा कि बसंतर दरिया पर सुरक्षा के लिए बनाए गए तटबंध का एक हिस्सा टूटने के कगार पर है। इस बारे में कई बार जिला प्रशासन को अवगत करवाया गया है, लेकिन कोई उचित कार्रवाई नहीं हो पाई है। यदि अधिक बारिश होती है तो बसंतर दरिया के पानी से भूमि कटाव के होने से तटबंध टूट जाएगा। इससे पहले भी तटबंध टूटने से करीब 5000 एकड़ भूमि बाढ़ के पानी से बर्बाद हो गई थी। उपजाऊ भूमि में कंकर पथर भरने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ा था। उन्होंने कहा कि इस बारे में एलजी को भी अवगत करवाया गया है कि उक्त तटबंध की मरम्मत करवाई जाए। उन्हों ने कहा कि पहले से नष्ट हो चुकी भूमि अभी तक खेती लायक नहीं रही है। उन्होंने तटबंध की शीघ्र मरम्मत करवाने की मांग की है।
बाढ नियंत्रण विभाग के एक अधिकारी के अनुसार उनके पास फंड कम आते हैं। उन्होंने जम्मू कश्मीर के उच्च अधिकारियों को इस बारे में फंड उपलब्ध करवाने के लिए कहा है।
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इससे पहले भी तटबंध टूटने से 5000 एकड़ भूमि बाढ़ के पानी से हो चुकी है बर्बाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिले के रामगढ़ के तहत आने वाले सीमावर्ती गावों के आगे बनाया तटबंध बारिश के कारण टूट रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार यदि अधिक बारिश होती है तो बसंतर दरिया में होने वाले भूमि कटाव से तटबंध को नुकसान होने पर 12 गांव इसकी चपेट में आ जाएंगे।
स्थानीय पूर्व सरपंच राम पाल, सेवानिवृत सूबेदार सेवा राम, अनिल कुमार, अजीत सिंह, दीप सिंह, रोशन लाल, अनिल कांत और रोेशन ने कहा कि बसंतर दरिया पर सुरक्षा के लिए बनाए गए तटबंध का एक हिस्सा टूटने के कगार पर है। इस बारे में कई बार जिला प्रशासन को अवगत करवाया गया है, लेकिन कोई उचित कार्रवाई नहीं हो पाई है। यदि अधिक बारिश होती है तो बसंतर दरिया के पानी से भूमि कटाव के होने से तटबंध टूट जाएगा। इससे पहले भी तटबंध टूटने से करीब 5000 एकड़ भूमि बाढ़ के पानी से बर्बाद हो गई थी। उपजाऊ भूमि में कंकर पथर भरने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ा था। उन्होंने कहा कि इस बारे में एलजी को भी अवगत करवाया गया है कि उक्त तटबंध की मरम्मत करवाई जाए। उन्हों ने कहा कि पहले से नष्ट हो चुकी भूमि अभी तक खेती लायक नहीं रही है। उन्होंने तटबंध की शीघ्र मरम्मत करवाने की मांग की है।
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बाढ नियंत्रण विभाग के एक अधिकारी के अनुसार उनके पास फंड कम आते हैं। उन्होंने जम्मू कश्मीर के उच्च अधिकारियों को इस बारे में फंड उपलब्ध करवाने के लिए कहा है।
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