जम्मू-कश्मीर: नौहट्टा में नमाज के बाद भड़की हिंसा, युवाओं ने आजादी के हक में की नारेबाजी
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श्रीनगर के पुराने शहर में जुमे की नमाज के बाद हिंसा भड़क उठी। हिंसक प्रदर्शनों के दौरा युवाओं ने पाकिस्तान और आतंकी संगठनों के झंडे दिखाए। इस दौरान तीन युवक एक वाहन की चपेट में आने से घायल हो गए।
शुक्रवार को पुराने शहर के नौहट्टा इलाके में स्थित ऐतिहासिक जामिया मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद इलाके में हिंसा भड़क उठी। युवाओं ने गत शुक्रवार को जामिया मस्जिद परिसर के भीतर पुलिस की कार्रवाई और दक्षिणी कश्मीर में हो रही घटनाओं के खिलाफ प्रदर्शन किया। काफी संख्या में युवा एकत्रित हुए और राष्ट्र विरोधी और आजादी के हक में नारेबाजी की। इतना ही नहीं इस दौरान युवाओं ने पाकिस्तानी झंडों के अलावा आतंकी संगठन जैश, लश्कर आदि के झंडे भी दिखाए। इस दौरान कुछ युवाओं ने टी-शर्ट पहनी हुई थी जिसके पीछे हिजबुल मुजाहिदीन कमांडो लिखा हुआ था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार देखते ही देखते युवाओं ने वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिसके जवाब में स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए और पैलेट गन का इस्तेमाल भी किया गया। मिली जानकारी के अनुसार प्रदर्शनों के दौरान सीआरपीएफ की जिप्सी वहां से गुजरी कि अचानक से उस पर हुई पत्थरबाजी के चलते ड्राइवर नियंत्रण खो बैठा और तीन युवा उसकी चपेट में आ गए।
जिप्सी की चपेट में आकर तीन युवा घायल हो गए
अचानक से टक्कर लगने के बाद जिप्सी रुक जाने पर भीड़ ने उसे घेर लिया और जान का खतरा देख ड्राइवर ने जिप्सी भगाने का प्रयास किया जिसकी चपेट में आकर तीन युवा घायल हो गए। घायलों में से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह प्रदर्शन काफी देर तक जारी रहा।
गौरतलब है कि इससे पूर्व अपनी तकरीर के दौरान मीरवाईज मोलवी उमर फारूक ने जामिया मस्जिद में कहा कि पिछले करीब 90 साल से जामिया मस्जिद तशादुद का शिकार बनती आई है। कभी डोगरा राज में, कभी सिख राज में और अब भारतीय सरकार द्वारा आए दिन इसे निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने गत शुक्रवार को मस्जिद परिसर के अंदर इस्तेमाल किए गए बल की निंदा की, और कहा कि जो मंसूबे हुकूमत के हैं उन्हें कामयाब नहीं होने देंगे। मीरवाईज ने कहा कि जितना यह दबाने की कोशिश करेंगे, हम उतना इसके खिलाफ आवाज उठाएंगे। उन्होंने कहा कि जामिया से हमेशा अपने हक मांगने की आवाज उठती रहेगी। मरते दम तक जामिया के तकादुस को ठेस नहीं पहुंचने देंगे।