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Jammu News: रघुनाथ मंदिर में हर्षोल्लास के साथ मनाई राधा अष्टमी
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संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। जम्मू-कश्मीर धर्मार्थ ट्रस्ट ने रघुनाथ मंदिर में उत्साह के साथ राधा अष्टमी मनाई। ट्रस्ट के अध्यक्ष आरएस लंगेह, सचिव अशोक कुमार शर्मा और पुजारियों ने पारंपरिक अनुष्ठानों के साथ पूजा की। इससे पहले राधा-कृष्ण के मंदिर को फूलों से सजाया गया। आसपास क्षेत्रों की सैकड़ों महिलाएं मंदिर परिसर में एकत्र हुईं और भजन गाए। परिसर श्लोक और मंत्रों से गूंज उठा।
लंगेह ने कहा कि राधा अष्टमी उत्सव भक्तों को परमात्मा से जुड़ने और दिव्य मार्गदर्शन प्राप्त करने का गहरा अवसर देती है। यह राधा रानी और भगवान कृष्ण की शिक्षाओं और गुणों पर विचार करने का समय है, जिन्हें बिना शर्त प्रेम, भक्ति और ज्ञान का अवतार माना जाता है।
अशोक कुमार ने कहा कि उत्सव में धार्मिक अनुष्ठानों की विस्तृत शृंखला होगी। पुजारी ने कहा कि राधा अष्टमी श्री राधा रानी की जयंती है। वे देवी लक्ष्मी का अवतार हैं। राधा अष्टमी भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष के आठवें दिन आती है। भक्त अत्यंत भक्ति भाव से देवी राधा की पूजा करते हैं। यह दिन भगवान कृष्ण और राधा के निस्वार्थ बंधन, मानव और भगवान के बीच एक अनोखे रिश्ते का सम्मान करता है। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए खीर का लंगर लगाया गया। वहीं, महाराजा हरि सिंह को 128वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर धर्मार्थ ट्रस्ट ने रघुनाथ मंदिर में उत्साह के साथ राधा अष्टमी मनाई। ट्रस्ट के अध्यक्ष आरएस लंगेह, सचिव अशोक कुमार शर्मा और पुजारियों ने पारंपरिक अनुष्ठानों के साथ पूजा की। इससे पहले राधा-कृष्ण के मंदिर को फूलों से सजाया गया। आसपास क्षेत्रों की सैकड़ों महिलाएं मंदिर परिसर में एकत्र हुईं और भजन गाए। परिसर श्लोक और मंत्रों से गूंज उठा।
लंगेह ने कहा कि राधा अष्टमी उत्सव भक्तों को परमात्मा से जुड़ने और दिव्य मार्गदर्शन प्राप्त करने का गहरा अवसर देती है। यह राधा रानी और भगवान कृष्ण की शिक्षाओं और गुणों पर विचार करने का समय है, जिन्हें बिना शर्त प्रेम, भक्ति और ज्ञान का अवतार माना जाता है।
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अशोक कुमार ने कहा कि उत्सव में धार्मिक अनुष्ठानों की विस्तृत शृंखला होगी। पुजारी ने कहा कि राधा अष्टमी श्री राधा रानी की जयंती है। वे देवी लक्ष्मी का अवतार हैं। राधा अष्टमी भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष के आठवें दिन आती है। भक्त अत्यंत भक्ति भाव से देवी राधा की पूजा करते हैं। यह दिन भगवान कृष्ण और राधा के निस्वार्थ बंधन, मानव और भगवान के बीच एक अनोखे रिश्ते का सम्मान करता है। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए खीर का लंगर लगाया गया। वहीं, महाराजा हरि सिंह को 128वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
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