पुलवामा आतंकी हमले में एक और दबोचा गया, बिलाल अहमद ने आतंकियों को अपने घर में दी थी पनाह
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पुलवामा के लेथपोरा में 2019 में सीआरपीएफ के काफिले पर फिदायीन हमले के मामले में एनआईए ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। काकापोरा हाजिबल के आरा मिल संचालक बिलाल अहमद कुचे की गिरफ्तारी के साथ इस मामले में अब तक सात लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने बिलाल को 10 दिन की रिमांड पर भेज दिया है। 14 फरवरी, 2019 को लेथपोरा में हुए फिदायीन हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे।
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जांच एजेंसी के मुताबिक बिलाल ने पुलवामा हमले में शामिल जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों को अपने घर ठहराया था। मुख्य आरोपी बिलाल के घर में रहा और जहां उसने उसे अन्य ओजीडब्ल्यू से मिलवाया।
बिलाल ने ही हमले के मुख्य आरोपी को सुरक्षित पनाह उपलब्ध कराई। एक हाईटेक मोबाइल फोन भी उपलब्ध कराया, जिससे आतंकी हमले की साजिश को अंतिम रूप देने के लिए पाकिस्तान स्थित आकाओं से लगातार संपर्क में रहते थे। इसके अलावा फिदायीन आदिल अहमद डार की वीडियो क्लिप को भी इस मोबाइल से रिकॉर्ड किया गया, जो हमले के बाद वायरल हुई।
पिछले सप्ताह एक और मददगार किया था गिरफ्तार
दो जुलाई को हमले के प्रमुख साजिशकर्ताओं में शामिल जैश के पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद उमर फारूक के एक और मददगार मोहम्मद इकबाल राथर को गिरफ्तार किया था। पुलवामा हमले में शामिल जैश आतंकी फारूक अप्रैल, 2018 को जम्मू संभाग में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर पाकिस्तान से घुसा था। इसके बाद जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग से दक्षिण कश्मीर पहुंचा था।
आईबी से कश्मीर तक पहुंचने में मोहम्मद इकबाल राथर ने उसकी मदद की थी। इकबाल मैसेजिंग एप के जरिये पाकिस्तान में बैठे जैश के आकाओं के लगातार संपर्क में था। राथर जैश से जुड़े एक अन्य मामले में 2018 से ही एनआईए की न्यायिक हिरासत में है। बडगाम के चरार-ए-शरीफ का इकबाल जैश के परिवहन मॉड्यूल का सदस्य था।
29 फरवरी को पनाह देने वाला पकड़ा गया था
29 फरवरी को एनआईए ने पुलवामा के हाजिबल काकापोरा से जैश आतंकी शाकिर बशीर मागरे को गिरफ्तार किया था। शाकिर ने आत्मघाती हमलावर आदिल अहमद डार को एक साल तक अपने घर में पनाह दी और हमले में इस्तेमाल कार में आरडीएक्स लगाया था।
शाकिर जैश का ओवरग्राउंड वर्कर था, जो पुलवामा के लेथपोरा में फर्नीचर की दुकान चलाता था। 2018 में जैश के पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद उमर फारूक ने शाकिर की मुलाकात डार से कराई थी। इसके बाद शाकिर जैश के लिए फुलटाइम काम करने लगा था।