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Jammu News: गड़ीगढ़ तहसील परिसर में भूख हड़ताल पहाड़ी पहचान को मान्यता देने की मांग
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संवाद न्यूज एजेंसी
मीरां साहिब। पीओके पहाड़ी डीपी जागरूकता मंच ने सोमवार को गड़ीगढ़ तहसील परिसर में एक दिन की भूख हड़ताल की। मंच के सदस्यों ने एसटी टू प्रमाणपत्र जारी कर पहाड़ी पहचान को मान्यता देने की सरकार से मांग की। शाशि खजूरिया ने आरोप लगाया कि विस्थापित परिवारों को सांविधानिक लाभों से वंचित किया जा रहा है। सरकार ने साफ तौर पर स्पष्ट किया है कि पहाड़ी जातीय समूह के तहत एसटी टू दर्जे की पात्रता का निर्धारण जातीयता, सांस्कृतिक और भाषाई पहचान के आधार पर होता है न कि वर्तमान भौगोलिक स्थान पर।
प्रतीक रैना ने बताया कि एसटी टू दर्जे से लगातार वंचित रखना उस समुदाय के साथ अन्याय है जिसने पहले ही विस्थापन का दंश झेला है। पीओके पहाड़ी परिवार अपने पहाड़ी गोत्र, समुदाय, विशिष्ट संस्कृति और मातृभाषा के आधार पर संबंधित अधिसूचनाओं एसओ 176 सहित के तहत सभी मानदंडों को पूरा करते हैं। उन्होंने इस मुद्दे को हल करने के लिए त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की। इस माैके पर पीयूष रैना, नरेश शर्मा, पंकज शर्मा, देवेंद्र सिंह आदि मौजूद थे।
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मीरां साहिब। पीओके पहाड़ी डीपी जागरूकता मंच ने सोमवार को गड़ीगढ़ तहसील परिसर में एक दिन की भूख हड़ताल की। मंच के सदस्यों ने एसटी टू प्रमाणपत्र जारी कर पहाड़ी पहचान को मान्यता देने की सरकार से मांग की। शाशि खजूरिया ने आरोप लगाया कि विस्थापित परिवारों को सांविधानिक लाभों से वंचित किया जा रहा है। सरकार ने साफ तौर पर स्पष्ट किया है कि पहाड़ी जातीय समूह के तहत एसटी टू दर्जे की पात्रता का निर्धारण जातीयता, सांस्कृतिक और भाषाई पहचान के आधार पर होता है न कि वर्तमान भौगोलिक स्थान पर।
प्रतीक रैना ने बताया कि एसटी टू दर्जे से लगातार वंचित रखना उस समुदाय के साथ अन्याय है जिसने पहले ही विस्थापन का दंश झेला है। पीओके पहाड़ी परिवार अपने पहाड़ी गोत्र, समुदाय, विशिष्ट संस्कृति और मातृभाषा के आधार पर संबंधित अधिसूचनाओं एसओ 176 सहित के तहत सभी मानदंडों को पूरा करते हैं। उन्होंने इस मुद्दे को हल करने के लिए त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की। इस माैके पर पीयूष रैना, नरेश शर्मा, पंकज शर्मा, देवेंद्र सिंह आदि मौजूद थे।
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