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Jammu News: आज दो घंटे की कलम बंद हड़ताल पर रहेंगे एनएचएम कर्मी
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नियमितीकरण, वेतन बढ़ाने और समय पर जारी करने की मांग, जेकेएमईएफ ने समर्थन दिया
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू संभाग के दस जिलों में शनिवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारी कमल बंद हड़ताल पर रहेंगे। कर्मचारी प्रमुख रूप से उनके हितों के लिए नियमितीकरण नीति लाने, समय पर वेतन जारी करने और दूसरे राज्यों की तर्ज पर वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए मजबूर हो जाएंगे।
आल जेएंडके एनएचएम एसोसिएशन जम्मू संभाग के प्रधान डा. विकास शर्मा का कहना है कि वर्ष 2015 में तत्काल सरकार ने उनके नियमितीकरण के लिए एक समिति गठित की थी। इसके बाद भी एक और समिति बनाई गई। लेकिन कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर कुछ नहीं किया गया। संभाग में एनएचएम कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग में रीढ़ की हड्डी की तरह काम कर रहे हैं। लेकिन दूसरे राज्यों की तुलना में उन्हें वेतन भी कम दिया जा रहा है। कर्मचारी हाल ही में विधानसभा में उनकी मांगों को लेकर सारी निर्भरता केंद्र के पास दिखाने से भी खफा हैं। उन्होंने कहा कि एनएचएम कर्मचारियों के लिए केंद्र वित्त पोषण कर रहा है, लेकिन उनके लिए नीतियां लाने की सिफारिश सरकार कर सकती है। चूंकि जम्मू कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश है, ऐसे में उन्हें भी अन्य यूटी की तरह सुविधाएं मुहैया करवाई जाएं। उधर, जम्मू कश्मीर मेडिकल इंप्लाइज फेडरेशन (जेकेएमईएफ) ने एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल को समर्थन किया है। यहां शुक्रवार को फेडरेशन की एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए सुशील सूदन, अपेक्स बाडी फार्मेसी काउंसिल आफ इंडिया के सदस्य और फेडरेशन प्रधान जसविंदर सिंह ने कहा कि एनएचएम कर्मचारियों को देरी से वेतन जारी किया जा रहा है, जिससे उनकी रसोई का बजट गड़बड़ा गया है। सरकार को एनएचएम कर्मचारियों के हितों के लिए काम करना चाहिए। एनएचएम के हितों को लेकर विधानसभा में भी कई विधायकों ने सवाल उठाए थे। बैठक में प्रफुलत सिंह, बहादुर सिंह, भारत भूषण भगत, मदन शर्मा, संजय चौधरी, शफकत हुसैन, मुख्तियार कोहली आदि मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू संभाग के दस जिलों में शनिवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारी कमल बंद हड़ताल पर रहेंगे। कर्मचारी प्रमुख रूप से उनके हितों के लिए नियमितीकरण नीति लाने, समय पर वेतन जारी करने और दूसरे राज्यों की तर्ज पर वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए मजबूर हो जाएंगे।
आल जेएंडके एनएचएम एसोसिएशन जम्मू संभाग के प्रधान डा. विकास शर्मा का कहना है कि वर्ष 2015 में तत्काल सरकार ने उनके नियमितीकरण के लिए एक समिति गठित की थी। इसके बाद भी एक और समिति बनाई गई। लेकिन कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर कुछ नहीं किया गया। संभाग में एनएचएम कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग में रीढ़ की हड्डी की तरह काम कर रहे हैं। लेकिन दूसरे राज्यों की तुलना में उन्हें वेतन भी कम दिया जा रहा है। कर्मचारी हाल ही में विधानसभा में उनकी मांगों को लेकर सारी निर्भरता केंद्र के पास दिखाने से भी खफा हैं। उन्होंने कहा कि एनएचएम कर्मचारियों के लिए केंद्र वित्त पोषण कर रहा है, लेकिन उनके लिए नीतियां लाने की सिफारिश सरकार कर सकती है। चूंकि जम्मू कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश है, ऐसे में उन्हें भी अन्य यूटी की तरह सुविधाएं मुहैया करवाई जाएं। उधर, जम्मू कश्मीर मेडिकल इंप्लाइज फेडरेशन (जेकेएमईएफ) ने एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल को समर्थन किया है। यहां शुक्रवार को फेडरेशन की एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए सुशील सूदन, अपेक्स बाडी फार्मेसी काउंसिल आफ इंडिया के सदस्य और फेडरेशन प्रधान जसविंदर सिंह ने कहा कि एनएचएम कर्मचारियों को देरी से वेतन जारी किया जा रहा है, जिससे उनकी रसोई का बजट गड़बड़ा गया है। सरकार को एनएचएम कर्मचारियों के हितों के लिए काम करना चाहिए। एनएचएम के हितों को लेकर विधानसभा में भी कई विधायकों ने सवाल उठाए थे। बैठक में प्रफुलत सिंह, बहादुर सिंह, भारत भूषण भगत, मदन शर्मा, संजय चौधरी, शफकत हुसैन, मुख्तियार कोहली आदि मौजूद रहे।
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