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एसआरओ-43 में बदलाव मुलाजिमों को मंजूर नहीं
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जम्मू। पक्की नौकरी, स्वास्थ्य भत्ते में बढ़ोतरी, डीए का एरियर जारी करने और अन्य मांगों को लेकर अस्थायी कर्मचारी सात दिसंबर को सरकार के खिलाफ प्रेस क्लब के बाहर प्रदर्शन करेंगे। जेएंडके इंप्लाइज ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने कर्मचारियों के हक के लिए बुधवार को कंपनी बाग में प्रेसवार्ता कर यह जानकारी दी।
कमेटी के अध्यक्ष बाबू हुसैन मालिक ने कहा कि सरकार एसआरओ-43 के प्रावधानों में बदलाव करने की कोशिश कर रही है। जिसे कर्मचारी संगठन मंजूर नहीं करेंगे। एआरअरओ-43 के तहत सरकारी कर्मचारी की सेवा में रहते मृत्यु पर सरकार उसके परिवार के किसी सदस्य को नौकरी देती है। उन्होंने कहा कि सरकार इसमें अब सिर्फ विशेष मामलों में और सैन्य कर्मियों के आश्रितों को ही नौकरी देने की तैयारी कर रही है। मालिक ने सरकार से विभिन्न विभागों में 20-25 साल से सेवाएं दे रहे अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने के लिए नीति बनाने की मांग की। समाज कल्याण विभाग में बर्खास्त किए 900 कर्मचारियों को दोबारा नियुक्त करने की मांग की गई। साथ ही हर छह महीने में कर्मियों की डीपीसी करवाने, वेतन विसंगतियां दूर करने और यूटी की तर्ज पर जम्मू-कश्मीर में भी कर्मियों को सभी अधिकार व सुविधाएं दी जाएं। कमेटी ने सभी कर्मचारियों को धरने में शामिल होने की अपील की है।
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कमेटी के अध्यक्ष बाबू हुसैन मालिक ने कहा कि सरकार एसआरओ-43 के प्रावधानों में बदलाव करने की कोशिश कर रही है। जिसे कर्मचारी संगठन मंजूर नहीं करेंगे। एआरअरओ-43 के तहत सरकारी कर्मचारी की सेवा में रहते मृत्यु पर सरकार उसके परिवार के किसी सदस्य को नौकरी देती है। उन्होंने कहा कि सरकार इसमें अब सिर्फ विशेष मामलों में और सैन्य कर्मियों के आश्रितों को ही नौकरी देने की तैयारी कर रही है। मालिक ने सरकार से विभिन्न विभागों में 20-25 साल से सेवाएं दे रहे अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने के लिए नीति बनाने की मांग की। समाज कल्याण विभाग में बर्खास्त किए 900 कर्मचारियों को दोबारा नियुक्त करने की मांग की गई। साथ ही हर छह महीने में कर्मियों की डीपीसी करवाने, वेतन विसंगतियां दूर करने और यूटी की तर्ज पर जम्मू-कश्मीर में भी कर्मियों को सभी अधिकार व सुविधाएं दी जाएं। कमेटी ने सभी कर्मचारियों को धरने में शामिल होने की अपील की है।
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