{"_id":"629e63d60412865d510b7b55","slug":"protest-jammu-city-news-jmu261380828","type":"story","status":"publish","title_hn":"मांगों के समर्थन में हड़ताल पर रहे चिकित्सा कर्मी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मांगों के समर्थन में हड़ताल पर रहे चिकित्सा कर्मी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर मेडिकल इंप्लाइज फेडरेशन के बैनर तले सोमवार को संभाग के दस जिलों में चिकित्सा कर्मचारी हड़ताल पर रहे। जिला और ब्लॉक स्तर के अस्पतालों में धरने-प्रदर्शन किए गए। वहीं, आंदोलन को तेज करते हुए कर्मचारियों ने 10 और 11 जून को पूरी तरह से कामकाज ठप रखने का ऐलान किया है। हालांकि इसमें गंभीर मरीजों के लिए आपात सेवाओं को बहाल रखा जाएगा। मांगों पर जल्द गौर न करने की सूरत में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की भी चेतावनी दी है।
जम्मू में गांधीनगर अस्पताल, सरवाल अस्पताल, राजीव गांधी अस्पताल गंग्याल, स्वास्थ्य निदेशालय सहित संभाग के अन्य जिला स्तर पर चिकित्सा कर्मियों ने धरना प्रदर्शन किया। फेडरेशन के प्रधान सुशील सूदन ने कहा कि सरकार को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया गया है, जिसमें मांगों पर उचित कदम न उठाने पर दो दिन की कामछोड़ हड़ताल की जाएगी। इसके बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल का विकल्प भी रखा गया है। कर्मचारी चार साल से डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी (डीपीसी) न करने से नाराज हैं। उनका कहना है कि डीपीसी न होने से बड़ी संख्या में कर्मचारी बिना पदोन्नति के ही सेवानिवृत्त हो गए हैं। हक से वंचित रखा जा रहा है। एसआरओ-20 में भर्ती नियम मामले का समाधान नहीं किया जा सका है। अंडर-2211 हेड के तहत फीमेल मल्टीपर्पज हेल्थ वर्करों के वेतन के मुद्दों को हल नहीं किया जा सका है। कर्मियों को पांच माह से वेतन नहीं मिला है। जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन के बाद सभी फार्मासिस्टों को पंजीकृत करने की व्यवस्था की जाए। राजस्थान की तर्ज पर वृद्धावस्था पेंशन योजना को बहाल किया जाए।
विज्ञापन
जम्मू में गांधीनगर अस्पताल, सरवाल अस्पताल, राजीव गांधी अस्पताल गंग्याल, स्वास्थ्य निदेशालय सहित संभाग के अन्य जिला स्तर पर चिकित्सा कर्मियों ने धरना प्रदर्शन किया। फेडरेशन के प्रधान सुशील सूदन ने कहा कि सरकार को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया गया है, जिसमें मांगों पर उचित कदम न उठाने पर दो दिन की कामछोड़ हड़ताल की जाएगी। इसके बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल का विकल्प भी रखा गया है। कर्मचारी चार साल से डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी (डीपीसी) न करने से नाराज हैं। उनका कहना है कि डीपीसी न होने से बड़ी संख्या में कर्मचारी बिना पदोन्नति के ही सेवानिवृत्त हो गए हैं। हक से वंचित रखा जा रहा है। एसआरओ-20 में भर्ती नियम मामले का समाधान नहीं किया जा सका है। अंडर-2211 हेड के तहत फीमेल मल्टीपर्पज हेल्थ वर्करों के वेतन के मुद्दों को हल नहीं किया जा सका है। कर्मियों को पांच माह से वेतन नहीं मिला है। जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन के बाद सभी फार्मासिस्टों को पंजीकृत करने की व्यवस्था की जाए। राजस्थान की तर्ज पर वृद्धावस्था पेंशन योजना को बहाल किया जाए।
विज्ञापन