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डीपीसी के लिए 24 को करेंगे चार घंटे की कामछोड़ हड़ताल
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जम्मू। चिकित्सा कर्मचारी डिपार्टमेंटल प्रोमोशन कमेटी (डीपीसी) की मांग के लिए 24 मई को चार घंटे की कामछोड़ हड़ताल पर रहेंगे। वीरवार को चिकित्सा कर्मचारियों ने हुंकार भरी। संभाग स्तर से आए कर्मचारियों ने स्वास्थ्य निदेशालय जम्मू के परिसर में धरना-प्रदर्शन कर विरोध जताया। यह हड़ताल 24 मई को ब्लाक और जिला मुख्यालय जम्मू व संभाग में सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे रहेगी।
जम्मू-कश्मीर मेडिकल इंप्लाइज फेडरेशन के बैनर तले वीरवार सुबह स्वास्थ्य निदेशालय परिसर में सैकड़ों कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर रोष जताया। फेडरेशन के प्रधान सुशील सूदन ने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग पदोन्नति के लिए नियम बनाने और डीपीसी करने में विफल रहा है। चार साल से कर्मचारियों को डीपीसी का लाभ नहीं दिया गया है। सरकारी अस्पताल गांधीनगर और सरवाल सहित कई चिकित्सा केंद्रों में उच्च पद रिक्त हैं।
मरीजों को स्टॉफ की कमी से परेशानी झेलनी पड़ रही है। काफी संख्या में चिकित्सा कर्मचारी डीपीसी का लाभ लिए बिना सेवानिवृत्त हो गए हैं। अंडर हेड 2211 के तहत कार्यरत फीमेल मल्टीपर्पज हेल्थ वर्करों और अन्य स्टॉफ को नियमित वेतन जारी करने के लिए कोई नीति नहीं बनाई गई है। पांच माह ने वेतन नहीं मिलने से इन कर्मियों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सभी फार्मासिस्टों को पंजीकृत किया जाए। दूसरे राज्यों की तर्ज पर जम्मू-कश्मीर में कर्मियों के लिए वृद्धा पेंशन जारी की जाए। सरकार को कर्मियों की मांगों के लिए 12 दिन का अल्टीमेटम दिया जा रहा है, जिसके बाद कामछोड़ हड़ताल शुरू की जाएंगी। इस बीच स्वास्थ्य निदेशक डॉ. सलीम-उर-रहमान ने धरनास्थल पर पहुंचकर प्रदर्शनकारी कर्मियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। प्रदर्शन में प्रफुलत सिंह, कमलजीत साहनी, आरपी सिंह, धीरज सिंह, जरनैल सिंह और जसविंदर सिंह आदि शामिल रहे।
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जम्मू-कश्मीर मेडिकल इंप्लाइज फेडरेशन के बैनर तले वीरवार सुबह स्वास्थ्य निदेशालय परिसर में सैकड़ों कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर रोष जताया। फेडरेशन के प्रधान सुशील सूदन ने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग पदोन्नति के लिए नियम बनाने और डीपीसी करने में विफल रहा है। चार साल से कर्मचारियों को डीपीसी का लाभ नहीं दिया गया है। सरकारी अस्पताल गांधीनगर और सरवाल सहित कई चिकित्सा केंद्रों में उच्च पद रिक्त हैं।
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मरीजों को स्टॉफ की कमी से परेशानी झेलनी पड़ रही है। काफी संख्या में चिकित्सा कर्मचारी डीपीसी का लाभ लिए बिना सेवानिवृत्त हो गए हैं। अंडर हेड 2211 के तहत कार्यरत फीमेल मल्टीपर्पज हेल्थ वर्करों और अन्य स्टॉफ को नियमित वेतन जारी करने के लिए कोई नीति नहीं बनाई गई है। पांच माह ने वेतन नहीं मिलने से इन कर्मियों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सभी फार्मासिस्टों को पंजीकृत किया जाए। दूसरे राज्यों की तर्ज पर जम्मू-कश्मीर में कर्मियों के लिए वृद्धा पेंशन जारी की जाए। सरकार को कर्मियों की मांगों के लिए 12 दिन का अल्टीमेटम दिया जा रहा है, जिसके बाद कामछोड़ हड़ताल शुरू की जाएंगी। इस बीच स्वास्थ्य निदेशक डॉ. सलीम-उर-रहमान ने धरनास्थल पर पहुंचकर प्रदर्शनकारी कर्मियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। प्रदर्शन में प्रफुलत सिंह, कमलजीत साहनी, आरपी सिंह, धीरज सिंह, जरनैल सिंह और जसविंदर सिंह आदि शामिल रहे।
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