{"_id":"5f7cbc098ebc3eefba412648","slug":"protest-jammu-city-news-jmu220217348","type":"story","status":"publish","title_hn":"हड़ताल के दूसरे दिन कार्यालय खाली रहे, काम करवाने आए लोग बैरंग लौटे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हड़ताल के दूसरे दिन कार्यालय खाली रहे, काम करवाने आए लोग बैरंग लौटे
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जम्मू। जलशक्ति के साथ अन्य विभागों के अस्थायी कर्मियों की हड़ताल से व्यवस्था चरमरानी शुरू हो गई है। हड़ताल के दूसरे दिन कार्यालय खाली-खाली से रहे। तारें बदलने, खंभे लगाने के काम के अलावा अब सड़कों पर तारकोल डालने का काम भी प्रभावित होने लगा है। यही नहीं विभिन्न कार्यालयों में काम के लिए आए लोगों को बैरंग वापस लौटना पड़ा। हालांकि स्थायी कर्मी काम पर डटे हुए हैं लेकिन उनसे काम संभल नहीं पा रहा है। फाइलें अटकने से परेशानी आ रही है।
जम्मू संभाग में मंगलवार को लोक निर्माण विभाग, बिजली कारपोरेशन, जलशक्ति, फ्लोरीकल्चर, एग्रीकल्चर, आरएंडबी, एस्टेट, पीएमएसजीवाई के अस्थायी कर्मियों ने कार्यालयो के बाहर प्रदर्शन किए और नारेबाजी की। कर्मचारियों का कहना है कि जल्द से जल्द मांगों का हल किया जाए। वह लंबे समय से सेवाएं दे रहे हैं मगर उनके बारे में नहीं सोचा जा रहा है। अब स्थिति ऐसी है कि उन्हें नौकरी छोड़ने पर विवश होना पड़ रहा है। सात हजार रुपये में सेवाएं देना मुश्किल है। जल्द से जल्द नियमित किया जाए। आल डिपार्टमेंट कैजुअल लेबर फ्रंट के अध्यक्ष सतीश शर्मा ने कहा कि हड़ताल मांगें हल होने तक जारी रहेगी। प्रदेशभर में 60 हजार से ज्यादा कर्मचारी हड़ताल पर हैं। कर्मचारी बीते 25 सालों से काम कर रहे हैं। हालत यह है कि कर्मचारियों के लिए परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो गया है। महंगाई बढ़ती जा रही है मगर वेतन नहीं बढ़ाया जा रहा है।
यह हैं मांगें
- अस्थायी कर्मचारियों को पक्का किया जाए।
- लंबित वेतनमान को जारी किया जाए।
- न्यूनतम वेतनमान को लागू किया जाए।
शहर में कई जगह बिजली की समस्या आई, घंटों बाद ठीक हो पाई
लोक निर्माण विभाग के अस्थाई कर्मचारी हड़ताल पर रहने के कारण सड़कों का काम बीच में रुक गया है। सेवा देने स्थायी स्टाफ भी पहुंचा मगर संख्या कम होने के कारण काम सिरे नहीं चढ़ पाया। मौजूदा समय में जम्मू संभाग में ग्रामीण और शहरी इलाकों में सड़कों बनाने और अन्य काम चल रहे हैं।
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बिजली कारपोरेशन में जरूरी काम ही सिरे चढ़ पाए। मंगलवार को तकनीकी खराबी के चलते बिजली की समस्या रही। स्टाफ कम होने से समस्या हल करने में समय लगा। रेशमघर कॉलोनी, बख्शी नगर, तालाब तिल्लो, बेलीचराना, गंग्याल में बिजली संबंधी समस्याएं आईं मगर शिकायत के बाद हल होने में तीन से चार घंटे लगे। कहीं तारें तो कहीं टांसफार्मर में तकनीकी खराबी आई थी। इसी तरह जलशक्ति, फ्लोरीकल्चर, एग्रीकल्चर, आरएंडबी, एस्टेट, पीएमएसजीवाई विभाग में फाइलें इधर से उधर नहीं हो पाईं। कुछ विभागों में स्टाफ को पानी भी खुद ही पीना पड़ा।
जलशक्ति विभाग के कर्मियों की हड़ताल 72 घंटे और बढ़ी
जम्मू। जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मियों ने 72 घंटे हड़ताल और बढ़ा दी है। बुधवार को 13वें दिन धरना प्रदर्र्शन जारी रहा। वहीं शहर में पेयजल संकट विकराल रूप धारण करता जा रहा है।
लोग पानी के लिए अधिकारियों से संपर्क करते रहे मगर आपूर्ति नहीं हो पाई। इस कारण लोगों को रोजमर्रा के काम निपटाने में काफी दिक्कतें पेश आ रही हैं। नरवाल, सैनिक कालोनी, गंग्याल, बठिंडी इलाकों में टैंकरों से आपूर्ति की गई। इसके अलावा रेशमघर कॉलोनी, बख्शी नगर, पुराना शहर में कम समय पर पानी आया। यहां पर पानी आने का समय एक घंटा है मगर आधा घंटा ही मिला। इस कारण कामकाज काफी हद तक प्रभावित रहा। गंगयाल में दो ट्यूबवेल के बजाए एक से ही आपूर्ति हुई है। बीस मिनट तक पानी आया है। इसी तरह सैनिक कॉलोनी में लाइन में तकनीकी खराबी रही। आधे से ज्यादा इलाके में पेयजल किल्लत रही। यहां पर दो टैंकर भेजे गए थे।
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जम्मू संभाग में मंगलवार को लोक निर्माण विभाग, बिजली कारपोरेशन, जलशक्ति, फ्लोरीकल्चर, एग्रीकल्चर, आरएंडबी, एस्टेट, पीएमएसजीवाई के अस्थायी कर्मियों ने कार्यालयो के बाहर प्रदर्शन किए और नारेबाजी की। कर्मचारियों का कहना है कि जल्द से जल्द मांगों का हल किया जाए। वह लंबे समय से सेवाएं दे रहे हैं मगर उनके बारे में नहीं सोचा जा रहा है। अब स्थिति ऐसी है कि उन्हें नौकरी छोड़ने पर विवश होना पड़ रहा है। सात हजार रुपये में सेवाएं देना मुश्किल है। जल्द से जल्द नियमित किया जाए। आल डिपार्टमेंट कैजुअल लेबर फ्रंट के अध्यक्ष सतीश शर्मा ने कहा कि हड़ताल मांगें हल होने तक जारी रहेगी। प्रदेशभर में 60 हजार से ज्यादा कर्मचारी हड़ताल पर हैं। कर्मचारी बीते 25 सालों से काम कर रहे हैं। हालत यह है कि कर्मचारियों के लिए परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो गया है। महंगाई बढ़ती जा रही है मगर वेतन नहीं बढ़ाया जा रहा है।
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यह हैं मांगें
- अस्थायी कर्मचारियों को पक्का किया जाए।
- लंबित वेतनमान को जारी किया जाए।
- न्यूनतम वेतनमान को लागू किया जाए।
शहर में कई जगह बिजली की समस्या आई, घंटों बाद ठीक हो पाई
लोक निर्माण विभाग के अस्थाई कर्मचारी हड़ताल पर रहने के कारण सड़कों का काम बीच में रुक गया है। सेवा देने स्थायी स्टाफ भी पहुंचा मगर संख्या कम होने के कारण काम सिरे नहीं चढ़ पाया। मौजूदा समय में जम्मू संभाग में ग्रामीण और शहरी इलाकों में सड़कों बनाने और अन्य काम चल रहे हैं।
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बिजली कारपोरेशन में जरूरी काम ही सिरे चढ़ पाए। मंगलवार को तकनीकी खराबी के चलते बिजली की समस्या रही। स्टाफ कम होने से समस्या हल करने में समय लगा। रेशमघर कॉलोनी, बख्शी नगर, तालाब तिल्लो, बेलीचराना, गंग्याल में बिजली संबंधी समस्याएं आईं मगर शिकायत के बाद हल होने में तीन से चार घंटे लगे। कहीं तारें तो कहीं टांसफार्मर में तकनीकी खराबी आई थी। इसी तरह जलशक्ति, फ्लोरीकल्चर, एग्रीकल्चर, आरएंडबी, एस्टेट, पीएमएसजीवाई विभाग में फाइलें इधर से उधर नहीं हो पाईं। कुछ विभागों में स्टाफ को पानी भी खुद ही पीना पड़ा।
जलशक्ति विभाग के कर्मियों की हड़ताल 72 घंटे और बढ़ी
जम्मू। जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मियों ने 72 घंटे हड़ताल और बढ़ा दी है। बुधवार को 13वें दिन धरना प्रदर्र्शन जारी रहा। वहीं शहर में पेयजल संकट विकराल रूप धारण करता जा रहा है।
लोग पानी के लिए अधिकारियों से संपर्क करते रहे मगर आपूर्ति नहीं हो पाई। इस कारण लोगों को रोजमर्रा के काम निपटाने में काफी दिक्कतें पेश आ रही हैं। नरवाल, सैनिक कालोनी, गंग्याल, बठिंडी इलाकों में टैंकरों से आपूर्ति की गई। इसके अलावा रेशमघर कॉलोनी, बख्शी नगर, पुराना शहर में कम समय पर पानी आया। यहां पर पानी आने का समय एक घंटा है मगर आधा घंटा ही मिला। इस कारण कामकाज काफी हद तक प्रभावित रहा। गंगयाल में दो ट्यूबवेल के बजाए एक से ही आपूर्ति हुई है। बीस मिनट तक पानी आया है। इसी तरह सैनिक कॉलोनी में लाइन में तकनीकी खराबी रही। आधे से ज्यादा इलाके में पेयजल किल्लत रही। यहां पर दो टैंकर भेजे गए थे।