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Jammu News: हरि सिंह पार्क में भाजपा सरकार के खिलाफ आज फारूक, महबूबा, विकार सहित अन्य दलों के नेता खोलेंगे मोर्चा
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू कश्मीर में लोकतांत्रिक व्यवस्था बहाल करने सहित अन्य ज्वलंत मुद्दों पर मंगलवार को हरि सिंह पार्क में सुबह 11 बजे विपक्षी दल भाजपा सरकार के खिलाफ धरना देंगे। नेकां अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला, पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विकार रसूल वानी सहित अन्य दलों के नेता मोर्चा खोलेंगे। धरने से डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) और अपनी पार्टी के नेता बाहर रहेंगे, क्योंकि पूर्व में हुई विपक्षी दलों की बैठक में ये नेता नहीं दिखे थे।
विपक्षी दलों का आरोप है कि भाजपा सरकार जमीनी स्तर के हालात को जानती है तभी जानबूझ कर चुनाव को लगातार टाल रही है। अब कारगिल चुनाव के नतीजों से सारी स्थिति साफ हो गई है। जम्मू-कश्मीर के नागरिकों को चुनी हुई लोकप्रिय सरकार से वंचित रखा जा रहा है। सरकार अगर केंद्र और प्रदेश स्तर पर जम्मू कश्मीर में हालात सामान्य होने के दावे कर रही है तो चुनाव के समय हालात खराब क्यों दिखाए जा रहे हैं। यहां लंबे समय से संविधान प्रक्रिया को निलंबित किया गया है। वहीं, अनुच्छेद 370 के बाद पहली बार जम्मू में विपक्षी दलों का सामूहिक तौर पर सरकार के खिलाफ ऐसा धरना हो रहा है। डीपीएपी के महासचिव आरएस चिब का कहना है कि विपक्षी दलों में अधिकांश गुपकार गठबंधन के राजनीतिक दल शामिल हैं, जिसे डीपीएपी समर्थन नहीं करती।
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जम्मू। जम्मू कश्मीर में लोकतांत्रिक व्यवस्था बहाल करने सहित अन्य ज्वलंत मुद्दों पर मंगलवार को हरि सिंह पार्क में सुबह 11 बजे विपक्षी दल भाजपा सरकार के खिलाफ धरना देंगे। नेकां अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला, पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विकार रसूल वानी सहित अन्य दलों के नेता मोर्चा खोलेंगे। धरने से डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) और अपनी पार्टी के नेता बाहर रहेंगे, क्योंकि पूर्व में हुई विपक्षी दलों की बैठक में ये नेता नहीं दिखे थे।
विपक्षी दलों का आरोप है कि भाजपा सरकार जमीनी स्तर के हालात को जानती है तभी जानबूझ कर चुनाव को लगातार टाल रही है। अब कारगिल चुनाव के नतीजों से सारी स्थिति साफ हो गई है। जम्मू-कश्मीर के नागरिकों को चुनी हुई लोकप्रिय सरकार से वंचित रखा जा रहा है। सरकार अगर केंद्र और प्रदेश स्तर पर जम्मू कश्मीर में हालात सामान्य होने के दावे कर रही है तो चुनाव के समय हालात खराब क्यों दिखाए जा रहे हैं। यहां लंबे समय से संविधान प्रक्रिया को निलंबित किया गया है। वहीं, अनुच्छेद 370 के बाद पहली बार जम्मू में विपक्षी दलों का सामूहिक तौर पर सरकार के खिलाफ ऐसा धरना हो रहा है। डीपीएपी के महासचिव आरएस चिब का कहना है कि विपक्षी दलों में अधिकांश गुपकार गठबंधन के राजनीतिक दल शामिल हैं, जिसे डीपीएपी समर्थन नहीं करती।
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