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जम्मू-कश्मीर: सांपों की रक्षा समय की जरूरत,पूजा करने से भय तथा कालसर्प योग का होता है शमन
Mon, 01 Nov 2021 07:05 PM IST
विमल शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: विमल शर्मा
Updated Mon, 01 Nov 2021 07:05 PM IST
सार
श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय के कुलपति पद्मश्री प्रो. आरके सिन्हा ने नाग देवताओं की महिमा पुस्तक का विमोचन करते हुए कहा। बताया कि सांप अकारण किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं।
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पुस्तक का विमोचन करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय के कुलपति पद्मश्री प्रो. आरके सिन्हा ने कहा कि वैदिक काल से लेकर अब तक सर्पों के प्रति क्रूरता के कई उदाहरण देखने को मिलते हैं, लेकिन ऐसा कोई भी उदाहरण देखने को नहीं मिलता है कि सर्पों ने अकारण मानव जाति को नुकसान पहुंचाया हो। आज सर्पों की रक्षा करने की जरूरत है।
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यह विज्ञान भी कहता है। इसके लिए किसानों, ग्रामीणों, सामाजिक संस्थाओं व बुद्धिजीवियों को आगे आना चाहिए। यह बातें नाग देवताओं की महिमा नामक पुस्तक का विमोचन करते हुए कहीं। पूर्व मंत्री एवं भाजपा उपाध्यक्ष शाम लाल शर्मा ने कहा कि पौराणिक कथाओं के अनुसार सर्प हर तरह से मानव जाति के लिए लाभकारी रहे हैं। स्कास्ट जम्मू के कुलपति प्रो. जेपी शर्मा ने कहा कि अनादिकाल से ही नागों का अस्तित्व देवी-देवताओं के साथ किसी न किसी माध्यम से जुड़ा है। मेयर चंद्र मोहन गुप्ता ने कहा कि सनातन धर्म में दिव्य नागों की पूजा की जाती है।
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पूर्व डीजीपी डॉ. एसपी वैद ने कहा कि हमारी संस्कृति में अनादि काल से ही नाग को आध्यात्मिक आस्था और विश्वास के एक क्रियाशील प्रतीक के रूप में दर्शाया गया है। युगों से भारत में नाग देवता की महिमा का गायन होता रहा है। स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स राजभवन के डायरेक्टर शक्ति कुमार पाठक ने कहा कि हमारे देश में सभी जीव जंतु को सम्मान दिया जाता है, क्योंकि ये सभी प्रकृति के संतुलन के लिए उत्तरदायी हैं।
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किसी एक की भी कमी से यह संतुलन बिगड़ जाता हैं। इसलिए मनुष्यों को नागों की रक्षा करनी चाहिए। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय रणबीर कैंपस के निदेशक प्रो. मदन मोहन झा ने कहा कि पंचमी तिथि के स्वामी नाग देवता हैं। इस दिन नाग देवता की पूजा करने से भय तथा कालसर्प योग का शमन होता है। प्रारंभ में पुस्तक के लेखक महंत रोहित शास्त्री ने कहा कि प्रकृति के और हमारे इस अभिन्न मित्र सर्प को बचाने की आवश्यकता है।
कई हुए सम्मानित
कार्यक्रम में समाज में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए बुद्धिजीवियों को सम्मानित किया गया। इनमें डीडीसी सदस्य केवल कृष्ण शर्मा, पिंकी देवी, राकेश शर्मा, वीडीसी सदस्य आरती देवी, सरपंच राजदेव सिंह, पार्षद अनिता देवी, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित संजीव शर्मा, प्रोफेसर महापात्रा, आचार्य अभिषेक कुमार उपाध्याय, डॉ. अरुण शर्मा, डॉ. विकास पाधा, डॉ. अनिल मेहता, डॉ. संजय शर्मा, डॉ. भारत भूषण, डॉ. अंकुश शर्मा, डॉ. नरिंदर शर्मा और संत कुमार आदि शामिल हैं।