वो वादे हवा-हवाई थे! 13 साल बाद जम्मू नगर निगम से जगी थीं लोगों की उम्मीदें, फिर भी समस्याएं बरकरार
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जम्मू नगर निगम चुनाव का एक साल पूरा होने जा रहा है लेकिन विकास के वादे अभी तक अधूरे ही नजर आ रहे हैं। 13 वर्ष के लंबे अरसे बाद अक्टूबर 2018 में हुए स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर जनता की उम्मीदें जस की तस हैं। इस दौरान शहर के 75 वार्डों को प्रति वार्ड दस लाख रुपये और 40-40 एलईडी लाइटें ही मिल पाईं हैं। जबकि इन पैसों से कराए गए कई विकास अभी भी अधर में हैं।
पहले चुनाव न होने के कारण विकास कार्य सिरे नहीं चढ़ पा रहे थे। चुनाव होने के बाद वार्डों में विकास होने की आस जगी थी। लोग गलियों, नालियों, नालों और लाइट समस्या का समाधान करने की मांग कर चुके थे। लेकिन करीब एक वर्ष गुजरने के बाद भी हालात ज्यादा नहीं बदल पाए हैं।
शहर में गलियों, नालियों की हालत दयनीय है। गलियों से टाइलें तक उखड़ चुकी हैं। इससे राहगीरों को चलने में परेशानी आती है। स्ट्रीट लाइटें न लगने के कारण शाम ढलते ही अंधेरा छा जाता है। सड़कों में भी हाल ऐसा ही है। रोशनी के लिए लगाई गई लाइटें फ्यूज चल रही हैं। वार्डों में विकास करवाने के लिए पार्षद बजट की डिमांड कर रहे हैं मगर बजट नहीं मिल रहा है।
शहर के विकास के लिए जनरल हाउस की बैठकें मात्र पांच बार हुई हैं। इन बैठकों में पास हुए प्रस्ताव पर भी काम शुरू नहीं हो पाया है। कायदे से जनरल हाउस की बैठकें हर माह रूटीन में होनी चाहिए। आपसी खींचतान के कारण बैठकें नहीं हो रही हैं। सितंबर 5 को हुई जनरल हाउस की बैठक में विवाद होने के बाद स्थगित कर दिया था। अभी तक बैठक नहीं बुलाई गई है।
बैठकें न होने के कारण भी महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों के लिए प्रस्ताव पास नहीं हो पा रहे हैं। केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली ग्रांट इन एड भी समय पर नहीं मिल रही है। इस कारण भी विकास कर रफ्तार रुक गई है। जनरल हाउस की बैठकों में विकास मुद्दा काफी उछलता है।
शहर में एक सामान विकास करवाया जा रहा है। पहले विकास के लिए दस लाख जारी किया गया था। इसके बाद अतिरिक्त राशि ओर मुहैया करवाई गई है। नाले, नालियों, गलियों, स्ट्रीट लाइटों पर काम चल रहा है। लोगों को बेहतर सुविधाएं दी जा रही है। चुनाव के बाद विकास की रफ्तार तेज हुई है। - पूर्णिमा शर्मा, डिप्टी मेयर, नगर निगम जम्मू
...जब खींचतान की भेंट चढ़ा जनरल हाउस
अभी तक नगर निगम की ओर से 7.50 करोड़ रुपये की राशि वार्डों में विकास के लिए जारी की गई है। इसमें हर वार्ड को दस-दस लाख रुपये दिए गए हैं। केंद्र से 214 करोड़ रुपये मिलने हैं। इसी ग्रांट से पांच-पांच लाख पार्कों की हालत सुधारने पर खर्च किया जाना है और दस लाख से नाले और रास्तों के अलावा स्ट्रीट लाइटों की हालत में सुधार होना है।
सितंबर माह में हुई जनरल हाउस की बैठक में 49 पार्षदों ने अपने-अपने सुझाव सदन में रखने थे। विवाद के कारण बैठक स्थगित हो गई थी। इनडायरेक्ट टैक्स वसूलने, मास्टर प्लान 2032 में बदलाव लाने, कुंजवानी कॉलोनी को नियमित करने, वर्किंग कार्यालय, अल्पसंख्यक आयोग गठित करने, काम में देरी होने से आ रही परेशानी, कचरा एकत्रित करने, प्लास्टिक वेस्ट समस्या के समाधान, ट्रांसपोर्ट यार्ड को शिफ्ट करने, फ्रीडम फाइटर स्टैचू स्थापित करने, पार्कों सुविधा देने जैसे मसलों पर प्रस्ताव पारित होना था।