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जाम के जाल में जकड़ा जीएमसी जम्मू
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जम्मू। संभाग का सबसे बड़ा अस्पताल जीएमसी ट्रैफिक जाम के जाल में जकड़ गया है। अस्पताल परिसर में अव्यवस्थित ढंग से वाहन खड़े रहने से मरीजों के साथ तीमारदार परेशान हैं। यही नहीं सड़क पर वाहनों के खड़ा रहने से कई बार एंबुलेंस जाम में फंसी रहती हैं। इससे मरीज एंबुलेंस में ही कराहते रहते हैं। इमरजेंसी तक समय पर न पहुंचने के कारण कई बार मरीजों की जान पर बन आती है। पिछले दो साल से जीएमसी परिसर में व्यवस्थित पार्किंग के लिए कोई निविदा नहीं की गई है, जिससे हर कोई जहां-तहां वाहन खड़ा कर रहा है।
जीएमसी के मुख्य गेट से रोजाना हजारों वाहनों की आवाजाही होती है। इसमें पुरानी व नई इमरजेंसी के अलावा हजारों लोगों को वार्डों व अन्य यूनिटों तक पहुंचने के लिए ओपीडी और इमरजेंसी की तरफ से दाखिल होना पड़ता है। लेकिन मुख्य गेट से इमरजेंसी तक अव्यवस्थित ढंग से सैकड़ों वाहन खड़े रहने से खासतौर पर इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है। अगर कोई अकेला व्यक्ति किसी घायल को अपने वाहन में लेकर पहुंचता है तो उसे इमरजेंसी के बाहर मरीज से ज्यादा यह चिंता रहती है कि वह अपना वाहन कहां खड़ा करेगा। कुछ सेकेंड के लिए वाहन खड़ा करने के बाद निजी सुरक्षाकर्मी उन्हें बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू कर देते हैं। नई इमरजेंसी में ही दो सौ बिस्तर स्थापित हैं। जीएमसी की इमरजेंसी में संभाग भर से मरीज पहुंचते हैं।
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अस्पताल में वाहन खड़ा
करने की जगह नहीं मिली
जीएमसी की इमरजेंसी से थोड़ी आगे जाकर वीरवार की दोपहर अपनी सवारी का इंतजार कर रहे तरणजीत सिंह ने बताया कि वह एक शव लेकर अस्पताल पहुंचे थे और उसे वेस्ट बंगाल तक ले जाना है। लेकिन अस्पताल परिसर में कहीं भी वाहन खड़ा करने की जगह न मिलने से उन्हें अन्य सवारियों को लेकर बाहर ही इंतजार करना पड़ा। इससे उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
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मजबूरन सड़क पर खड़ी करनी पड़ी गाड़ी
मरीज के साथ इमरजेंसी में पहुंचे तीमारदार अमित शर्मा ने बताया कि वह अपने वाहन में आए थे, लेकिन उन्हें अस्पताल परिसर में कहीं भी वाहन खड़ा करने की जगह नहीं मिली, जिससे उन्हें मजबूरन बाहर सड़क पर वाहन खड़ा करना पड़ा। अस्पताल परिसर में अव्यवस्थित ढंग से खड़े वाहन सुरक्षा की दृष्टि से भी खतरा हैं। ऐसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल पर कोई भी असामाजिक तत्व वाहन खड़ा करके किसी अप्रिय घटना को अंजाम दे सकता है।
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दो साल से पार्किंग की नहीं हुई की गई व्यवस्था
एक अन्य मरीज के साथ पहुंचे जंग बहादुर ने कहा कि जीएमसी प्रशासन पिछले दो साल से अस्पताल में व्यवस्थित ढंग से पार्किंग की व्यवस्था नहीं कर पाया है। अगर मुख्य गेट से वाहन आ रहे हैं तो उन्हें वन-वे करके नई इमरजेंसी की तरफ से बख्शी नगर की तरफ से बाहर करने का प्रावधान किया जाना चाहिए। इससे जाम की समस्या से निजात मिलने के साथ वाहनों को खड़ा करने की जगह मिल सकेगी। इमरजेंसी के बाहर रास्ता न मिलने से कई बार एंबुलेंस में फंसे मरीजों की परेशानी के लिए जीएमसी प्रशासन सीधे तौर पर जिम्मेदार है।
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अस्पताल की पार्किंग के लिए निविदा प्रक्रिया पर काम हो रहा है। यातायात को सुचारु बनाने के लिए निजी सुरक्षाकर्मियों के साथ पुलिस कर्मियों की सेवाएं ली जा रही हैं।
- डॉ. शशि सूदन, प्रिंसिपल, जीएमसी जम्मू
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जीएमसी के मुख्य गेट से रोजाना हजारों वाहनों की आवाजाही होती है। इसमें पुरानी व नई इमरजेंसी के अलावा हजारों लोगों को वार्डों व अन्य यूनिटों तक पहुंचने के लिए ओपीडी और इमरजेंसी की तरफ से दाखिल होना पड़ता है। लेकिन मुख्य गेट से इमरजेंसी तक अव्यवस्थित ढंग से सैकड़ों वाहन खड़े रहने से खासतौर पर इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है। अगर कोई अकेला व्यक्ति किसी घायल को अपने वाहन में लेकर पहुंचता है तो उसे इमरजेंसी के बाहर मरीज से ज्यादा यह चिंता रहती है कि वह अपना वाहन कहां खड़ा करेगा। कुछ सेकेंड के लिए वाहन खड़ा करने के बाद निजी सुरक्षाकर्मी उन्हें बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू कर देते हैं। नई इमरजेंसी में ही दो सौ बिस्तर स्थापित हैं। जीएमसी की इमरजेंसी में संभाग भर से मरीज पहुंचते हैं।
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अस्पताल में वाहन खड़ा
करने की जगह नहीं मिली
जीएमसी की इमरजेंसी से थोड़ी आगे जाकर वीरवार की दोपहर अपनी सवारी का इंतजार कर रहे तरणजीत सिंह ने बताया कि वह एक शव लेकर अस्पताल पहुंचे थे और उसे वेस्ट बंगाल तक ले जाना है। लेकिन अस्पताल परिसर में कहीं भी वाहन खड़ा करने की जगह न मिलने से उन्हें अन्य सवारियों को लेकर बाहर ही इंतजार करना पड़ा। इससे उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
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मजबूरन सड़क पर खड़ी करनी पड़ी गाड़ी
मरीज के साथ इमरजेंसी में पहुंचे तीमारदार अमित शर्मा ने बताया कि वह अपने वाहन में आए थे, लेकिन उन्हें अस्पताल परिसर में कहीं भी वाहन खड़ा करने की जगह नहीं मिली, जिससे उन्हें मजबूरन बाहर सड़क पर वाहन खड़ा करना पड़ा। अस्पताल परिसर में अव्यवस्थित ढंग से खड़े वाहन सुरक्षा की दृष्टि से भी खतरा हैं। ऐसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल पर कोई भी असामाजिक तत्व वाहन खड़ा करके किसी अप्रिय घटना को अंजाम दे सकता है।
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दो साल से पार्किंग की नहीं हुई की गई व्यवस्था
एक अन्य मरीज के साथ पहुंचे जंग बहादुर ने कहा कि जीएमसी प्रशासन पिछले दो साल से अस्पताल में व्यवस्थित ढंग से पार्किंग की व्यवस्था नहीं कर पाया है। अगर मुख्य गेट से वाहन आ रहे हैं तो उन्हें वन-वे करके नई इमरजेंसी की तरफ से बख्शी नगर की तरफ से बाहर करने का प्रावधान किया जाना चाहिए। इससे जाम की समस्या से निजात मिलने के साथ वाहनों को खड़ा करने की जगह मिल सकेगी। इमरजेंसी के बाहर रास्ता न मिलने से कई बार एंबुलेंस में फंसे मरीजों की परेशानी के लिए जीएमसी प्रशासन सीधे तौर पर जिम्मेदार है।
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अस्पताल की पार्किंग के लिए निविदा प्रक्रिया पर काम हो रहा है। यातायात को सुचारु बनाने के लिए निजी सुरक्षाकर्मियों के साथ पुलिस कर्मियों की सेवाएं ली जा रही हैं।
- डॉ. शशि सूदन, प्रिंसिपल, जीएमसी जम्मू