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बारिश के बाद और बढ़ी लंपी बीमारी, नहीं मिल रही डॉक्टरों की लिखी दवा
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सांबा। जिले में पशुओं में फैले लंपी रोग पर रोकथाम नहीं लग पा रही है। उपचार के लिए दवाइयों की कमी ने दिक्कतें और बढ़ा दी हैं। पशुपालक बीमार पशुओं को बचाने के लिए भागदौड़ कर रहे हैं। पशुपालन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी उपचार करने में जुटे हैं। बारिश के बाद बीमारी और फैल गई है। हफ्ते के भीतर ही जिले में सात पशु मर चुके हैं और 14 सौ से ज्यादा बीमार हैं।
सीमावर्ती इलाकों के बाद अब कस्बे में भी कई मामले सामने आ चुके हैं। सांबा कस्बे की मंडी गढ़ के प्रभात सिंह ने बताया कि उनके मवेशियों के शरीर पर गांठें बन रही हैं और बुखार भी है। पशुपालन विभाग के डॉक्टरों को दिखाया है, लेकिन उनके द्वारा लिखी गई दवाई नहीं मिल रही है।
सीमावर्ती गांव चक लाला के निवासी दर्शन लाल ने कहा कि उन्होंने जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम में कॉल की थी तो डॉक्टरों ने उनकी गाय का उपचार किया। लेकिन दवाई नहीं मिल रही है। नंदपुर के किसान कस्तूरी लाल ने बताया कि उनकी गाय में लंपी बीमारी के लक्षण थे। दम घुटने से मवेशी की मौत हो गई। मदवाल के पशुपालक जोगिंद्र की गाय की मौत हुई है। ढेरा गांव में भी एक मवेशी बीमारी से मरा है। इसके अलावा पखड़ी, जेरड़ा, मालशह और अन्य कई इलाकों में भी मवेशियों की मौत की सूचना है। वहीं जिला प्रशासन की ओर से कंट्रोल रूम के नंबर जारी करने से किसानों को लाभ मिल रहा है। इन हेल्पलाइन नंबरों पर बाहरी जिलों के किसान भी संपर्क कर रहे हैं।
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बंगलूरू से वैक्सीन जल्द आने की उम्मीद
पशुओं में फैली बीमारी की दवाई की कमी है। जम्मू से ही दवाई नहीं मिल रही। कुछ फंड उपलब्ध हुए हैं, जिससे दवाइयां खरीदी गई हैं। खासकर राजपुरा और रामगढ़ क्षेत्र में बीमारी बढ़ी है। एंटीबायोटिक आदि दवाई की खरीद की गई है, जो किसानों को मुफ्त दी जाएंगी। सैंपल में भी बढ़ोतरी की जा रही है। आगामी सप्ताह में बंगलूरू से वैक्सीन आने की उम्मीद है। जम्मू संभाग के दस जिलों से सांबा के कंट्रोल रूम पर कॉल आ रही हैं। संबंधित अधिकारियों को किसानों की सूचि बनाकर भेज रहे हैं।
- डॉ. राहुल देव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, पशुपालन विभाग, सांबा
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सीमावर्ती इलाकों के बाद अब कस्बे में भी कई मामले सामने आ चुके हैं। सांबा कस्बे की मंडी गढ़ के प्रभात सिंह ने बताया कि उनके मवेशियों के शरीर पर गांठें बन रही हैं और बुखार भी है। पशुपालन विभाग के डॉक्टरों को दिखाया है, लेकिन उनके द्वारा लिखी गई दवाई नहीं मिल रही है।
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सीमावर्ती गांव चक लाला के निवासी दर्शन लाल ने कहा कि उन्होंने जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम में कॉल की थी तो डॉक्टरों ने उनकी गाय का उपचार किया। लेकिन दवाई नहीं मिल रही है। नंदपुर के किसान कस्तूरी लाल ने बताया कि उनकी गाय में लंपी बीमारी के लक्षण थे। दम घुटने से मवेशी की मौत हो गई। मदवाल के पशुपालक जोगिंद्र की गाय की मौत हुई है। ढेरा गांव में भी एक मवेशी बीमारी से मरा है। इसके अलावा पखड़ी, जेरड़ा, मालशह और अन्य कई इलाकों में भी मवेशियों की मौत की सूचना है। वहीं जिला प्रशासन की ओर से कंट्रोल रूम के नंबर जारी करने से किसानों को लाभ मिल रहा है। इन हेल्पलाइन नंबरों पर बाहरी जिलों के किसान भी संपर्क कर रहे हैं।
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बंगलूरू से वैक्सीन जल्द आने की उम्मीद
पशुओं में फैली बीमारी की दवाई की कमी है। जम्मू से ही दवाई नहीं मिल रही। कुछ फंड उपलब्ध हुए हैं, जिससे दवाइयां खरीदी गई हैं। खासकर राजपुरा और रामगढ़ क्षेत्र में बीमारी बढ़ी है। एंटीबायोटिक आदि दवाई की खरीद की गई है, जो किसानों को मुफ्त दी जाएंगी। सैंपल में भी बढ़ोतरी की जा रही है। आगामी सप्ताह में बंगलूरू से वैक्सीन आने की उम्मीद है। जम्मू संभाग के दस जिलों से सांबा के कंट्रोल रूम पर कॉल आ रही हैं। संबंधित अधिकारियों को किसानों की सूचि बनाकर भेज रहे हैं।
- डॉ. राहुल देव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, पशुपालन विभाग, सांबा