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ज्यौड़ियां और परगवाल के बीच चिनाब पर बन रहा पुल ठंडे बस्ते में
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निर्माणाधीन पुल
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ज्यौड़ियां। खौड़ की तहसील परगवाल की छह पंचायत के लोगों को खौड़ के मुख्यालय से जोड़ने के लिए ज्यौड़ियां (इंद्री) तथा परगवाल के बीच चिनाब पर 206 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे पुल का काम पूरी तरह से बंद होता नजर आ रहा है। पुल का निर्माण कर रही कंपनी स्थल से अपना सामान समेट कर निकलने की फिराक में है। अधिकतर सामान कंपनी पहले ही ले चुकी है। जो बचा सामान है वह भी जल्द ही ले जाएगी।
इसकी जानकारी कंपनी के अधिकारी प्रदीप चौधरी ने बताया की उनकी कंपनी ने पुल का निर्माण करने के लिए मशीनरी लगाई थी। फरवरी 2019 में पुल का काम शुरू किया और लगभग एक साल तक चला। इस बीच पुल के निर्माण पर हमने लगभग 45 करोड़ रुपये खर्च कर दिया। सरकार की तरफ से हमें समय पर खर्च की रकम का भुगतान नहीं करने पर हमें काम बंद करना पड़ा। बता दें कि कंपनी की तरफ से पुल के निर्माण के लिए लाई गई मशीनरी यहां से उठा ली गई थी। अब जो थोड़ा बहुत सामान बचा है उसे भी जल्द उठाने ले जाने की तैयार चल रही है। पुल का निर्माण कार्य ठंडे बस्ते में है। पुल के निर्माण कार्य को लटकता देख क्षेत्र के लोगों की पुल निर्माण की आस टूटती नजर आ रही है।
परगवाल क्षेत्र भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा तथा चिनाब के तट पर बसा है। बरसात के दिनों में बाढ़ आ जाए या पाकिस्तान की तरफ से संघर्ष विराम का उल्लंघन कर गोलाबारी की जाए। परगवाल क्षेत्र के लोगों के लिए आगे कुुुआं तथा पीछे खाई जैसी कहावत उत्पन्न हो जाती है ।
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दरिया चिनाब के दोनों तरफ जीवन बसर कर रहे खौड़ तथा ज्यौड़ियां के लोगों की इस पुल के निर्माण की बहुत ही पुरानी मांग थी, सरकार की तरफ से 206 करोड़ रुपये जारी भी किए गए। पुल का काम शुरू भी हो गया, लेकिन अब काम बंद है।
-अमृत भूषण बाबा भारती, प्रधान, पब्लिक ज्वाइंट एक्शन कमेटी छंब-ज्यौड़ियां
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उस समय बहुत खुशी हुई थी, जब सरकार ने एक साल के भीतर पुल का निर्माण कर जनता को समर्पित करने की बात कही थी। अब तीन साल हो गए हैं, पुल का कार्य शुरू किए हुए। अब तक नाममात्र ही काम हुआ है। अब तो हम सुन रहे हैं कि कंपनी भी समान समेट की चली गई है।
-अनिल कुमार गुप्ता, नायब सरपंच, तहसील परगवाल की पंचायत सरवाल
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पुल के निर्माण की कार्रवाई को देखकर लग रहा है कि केंद्र सरकार जनता से सिर्फ झूठे वायदे कर रही है। जमीनी स्तर पर कुछ नहीं है। आगामी चुनावों में पुल निर्माण का मुद्दा उठ सकता है।
-मदन सिंह चिब, समाजसेवी व ज्यौड़ियां निवासी शिव कुमार, राकेश पूर्व सरपंच, सरपंच सवर्ण सिंह मनहास, नायब सरपंच कुलबीर सिंह।
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इसकी जानकारी कंपनी के अधिकारी प्रदीप चौधरी ने बताया की उनकी कंपनी ने पुल का निर्माण करने के लिए मशीनरी लगाई थी। फरवरी 2019 में पुल का काम शुरू किया और लगभग एक साल तक चला। इस बीच पुल के निर्माण पर हमने लगभग 45 करोड़ रुपये खर्च कर दिया। सरकार की तरफ से हमें समय पर खर्च की रकम का भुगतान नहीं करने पर हमें काम बंद करना पड़ा। बता दें कि कंपनी की तरफ से पुल के निर्माण के लिए लाई गई मशीनरी यहां से उठा ली गई थी। अब जो थोड़ा बहुत सामान बचा है उसे भी जल्द उठाने ले जाने की तैयार चल रही है। पुल का निर्माण कार्य ठंडे बस्ते में है। पुल के निर्माण कार्य को लटकता देख क्षेत्र के लोगों की पुल निर्माण की आस टूटती नजर आ रही है।
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परगवाल क्षेत्र भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा तथा चिनाब के तट पर बसा है। बरसात के दिनों में बाढ़ आ जाए या पाकिस्तान की तरफ से संघर्ष विराम का उल्लंघन कर गोलाबारी की जाए। परगवाल क्षेत्र के लोगों के लिए आगे कुुुआं तथा पीछे खाई जैसी कहावत उत्पन्न हो जाती है ।
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दरिया चिनाब के दोनों तरफ जीवन बसर कर रहे खौड़ तथा ज्यौड़ियां के लोगों की इस पुल के निर्माण की बहुत ही पुरानी मांग थी, सरकार की तरफ से 206 करोड़ रुपये जारी भी किए गए। पुल का काम शुरू भी हो गया, लेकिन अब काम बंद है।
-अमृत भूषण बाबा भारती, प्रधान, पब्लिक ज्वाइंट एक्शन कमेटी छंब-ज्यौड़ियां
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उस समय बहुत खुशी हुई थी, जब सरकार ने एक साल के भीतर पुल का निर्माण कर जनता को समर्पित करने की बात कही थी। अब तीन साल हो गए हैं, पुल का कार्य शुरू किए हुए। अब तक नाममात्र ही काम हुआ है। अब तो हम सुन रहे हैं कि कंपनी भी समान समेट की चली गई है।
-अनिल कुमार गुप्ता, नायब सरपंच, तहसील परगवाल की पंचायत सरवाल
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पुल के निर्माण की कार्रवाई को देखकर लग रहा है कि केंद्र सरकार जनता से सिर्फ झूठे वायदे कर रही है। जमीनी स्तर पर कुछ नहीं है। आगामी चुनावों में पुल निर्माण का मुद्दा उठ सकता है।
-मदन सिंह चिब, समाजसेवी व ज्यौड़ियां निवासी शिव कुमार, राकेश पूर्व सरपंच, सरपंच सवर्ण सिंह मनहास, नायब सरपंच कुलबीर सिंह।