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बहुत खतरनाक है आपके बच्चे की स्कूल बस
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Mon, 13 Apr 2015 11:29 PM IST
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जम्मू शहर में नियमों की अनदेखी करके धड़ल्ले से छोटे चार पहिया वाहनों का इस्तेमाल स्कूल बस के रूप में किया जा रहा है। इन वाहनों में विद्यार्थियों को खचाखच भरा जाता है और इससे हमेशा ही किसी हादसे की आशंका बनी रहती है। स्कूलों में कई इस्तेमाल किए जा रहे वाहन निजी हैं, जबकि इनसे काम कामर्शियल वाहन का लिया जा रहा है। आरटीओ कार्यालय में इन वाहनों की रजिस्ट्रेशन निजी वाहन के रूप में होती है।
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इस तरह सेराजस्व विभाग को भी चूना लगाया जा रहा है। जम्मू शहर में सैकड़ों की संख्या में निजी स्कूल मौजूद हैं। इनमें हजारों की संख्या में विद्यार्थी शिक्षा हासिल कर रहे हैं। हर स्कूल में विद्यार्थियों की आवाजाही के लिए स्कूल बसों की सुविधा रखी गई है। कई स्कूलों में छोटे चार पहिया वाहन जैसे वैन, विंगर, मेटाडोर और अन्य कई छोटे वाहनों को स्कूल बस के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
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कई स्कूल वाहनों में पूरी तरह से नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इन वाहनों में बच्चों को खचाखच भरा जाता है। वाहन के अंदर विद्यार्थियों के लिए सुविधा न के बराबर होती है। विद्यार्थियों से खचाखच भरे वाहन कहीं अगर दुर्घटना का शिकार होते हैं तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।
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आटो में भरे होते हैं विद्यार्थी
कई स्कूलों में तो आटो से विद्यार्थियों की आवाजाही की जा रही है। जब बच्चे आटो में भरे होते हैं। किसी का सिर बाहर निकल रहा होता है तो किसी की बाजू। इस तरह से भी लगातार विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
जो भी निजी वाहन स्कूल बस के रूप में इस्तेमाल होता हुआ मिलता है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। अगर कहीं पर विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इस पर पूरी नजर रखी जाएगी।
अश्वनी कुमार, आरटीओ