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जम्मू-कश्मीर: निजी स्कूल खुद स्कूल फीस तय नहीं कर सकते, एफएफआरसी ने कहा- यह गैरकानूनी
Tue, 13 Sep 2022 05:45 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Tue, 13 Sep 2022 05:45 PM IST
सार
एफएफआरसी ने फीस निर्धारण आदेश के खिलाफ कोर्ट जाने वाले स्कूलों द्वारा खुद से स्कूल फीस तय करने को गैरकानूनी बताया है।
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(सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : Social Media
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर में निजी स्कूलों की फीस निर्धारण कमेटी (एफएफआरसी) ने फीस निर्धारण आदेश के खिलाफ कोर्ट जाने वाले स्कूलों द्वारा खुद से स्कूल फीस तय करने को गैरकानूनी बताया है। एफएफआरसी के चेयरमैन पूर्व जस्टिस मुजफ्फर हुसैन अतर ने कहा कि निजी स्कूल खुद से फीस निर्धारण नहीं कर सकते हैं।
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इस तरह की पहल सुप्रीम कोर्ट के साथ जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के फैसले का उल्लंघन करना है। चेयरमैन की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि ऐसे स्कूल खुद से फीस तय नहीं कर सकते हैं। एफएफआरसी द्वारा तय की फीस ही ली जा सकती है।
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पॉलिटेक्निक कॉलेजों में खाली सीटें भरने को चलेगा जागरूकता अभियान
प्रदेश के पॉलिटेक्निक कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया की स्थिति की समीक्षा के लिए कौशल विकास विभाग (एसडीडी) के प्रधान सचिव डॉ. असगर हसन समून ने सोमवार को बैठक की। इसमें प्रदेश के सभी जिलों के पॉलिटेक्निक कॉलेजों के प्रधानाचार्य मौजूद रहे। उन्होंने तीन साल के डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश की स्थिति जानी और अधिकारियों को खाली सीटों को भरने के लिए गांव-गांव जाकर जागरूकता अभियान चलाने को कहा। वर्तमान में 3320 उम्मीदवारों ने विभिन्न ट्रेड में आवेदन किया है।
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लेटरल एंट्री आवेदन के तहत अब तक 822 आवेदन प्राप्त हुए हैं जिनकी चयन सूची इस महीने के 15 सितंबर तक तैयार की जाएगी। नियमित और लेटरल एंट्री की प्रवेश प्रक्रिया सितंबर के अंत तक जारी रहेगी। उन्होंने कर्मचारियों को हर ब्लॉक के गांवों में जागरूकता अभियान चलाकर युवाओं को जागरूक करने के लिए कहा। इससे पहले उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों की स्थिति भी जानी।