जम्मू-कश्मीर: फल-सब्जियों की जमाखोरी, तीन गुना अधिक दाम में बिक्री, टमाटर चार दिन में 100 से 160 के पार
जम्मू कश्मीर और आसपास के प्रदेशों में बारिश का असर सब्जियों पर पड़ा है। जम्मू कश्मीर में चार दिन के भीतर फलों और सब्जियों के दाम में भारी अंतर आ गया है।
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पंजाब व हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ के कारण कई रास्ते बंद हैं। बीते चार दिन से जम्मू-कश्मीर में इन राज्यों से आने वाली फल-सब्जियां जम्मू नहीं पहुंच रहीं। यहां तक कि दिल्ली की आजादपुर मंडी से भी आपूर्ति बंद है। ऐसे में प्रदेश में फल-सब्जियों के तीन गुना अधिक वसूले जा रहे हैं।
फल-सब्जी विक्रेताओं ने जमाखोरी शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार मूली, तोरीऔर घिया जैसी सामान्य सब्जियां भी 80 रुपये प्रति किलो बेची जा रही हैं। चार दिन पहले 100 रुपये किलो बिक रहे टमाटर के दाम भी अब 160 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गए है।
मटर भी 150 से 200 रुपये किलो तक बेचा जा रहा है। गोभी, कड़म और पालक जैसी सब्जियों की बाजार में भारी किल्लत है। फलों के दाम में भी बढ़ोतरी हुई है। केला 100 रुपये दर्जन, सेब 250 से 350 रुपये प्रति किलो, मोसमी 100 रुपये किलो बेचा जा रहा है।
इसके अलावा अनार 150 से 170 रुपये किलो तक बेचा जा रहा है। फल सब्जी कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि जब तक पंजाब, हिमाचल और दिल्ली से सप्लाई नहीं आती, तब तक दाम ज्यादा रहेंगे।
ग्रामीण इलाकों में भी महंगाई
बता दें कि फल-सब्जियों को सबसे अधिक ग्रामीण इलाकों में बेचा जा रहा है। आरएस पुरा, बिश्नाह, अखनूर, अरनिया, नगरोटा जैसे कस्बों में फल-सब्जियों को सबसे अधिक दाम में बेचा जा रहा है।
यहां पिछले चार दिन से इक्का-दुक्का फल-सब्जियां पहुंच रही हैं। जबकि दुकानदारों ने कई दिनों से टमाटर और अन्य सब्जियां जमा करके रखी हैं, जिनको वह अधिक दाम में बेच रहे हैं।