महिलाओं के दूसरे धर्म में शादी करने के अधिकार के लिए सरकार उठाएगी बड़ा कदम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किसी दूसरे धर्म में शादी करने, दोबारा शादी करने, तलाक लेने और तलाक को लेकर महिलाओं के अधिकार को लेकर रियासत में धार्मिक प्राधिकरण (रिलीजियस अथॉरिटी) बनाने की तैयारी है। राज्य महिला आयोग इसका गठन करेगा।
आयोग इस पर विचार कर रहा है। स्टेट कैबिनेट में आयोग इस प्रस्ताव को भेज सकता है। इस प्राधिकरण को अधिकार रहेगा कि वह इन मामलों को सुलझा सके।इसे लेकर आयोग ने शुक्रवार को श्रीनगर में बैठक की।
बैठक में कश्मीर के पैनलिस्टों ने भी शिरकत की। इसमें हेल्पलाइन फाउंडेशन की निगात शफी, प्रोफेसर अनीसा शफी, डा मुस्लिम जान, मुफ्ती नसीर, एडवोकेट मोहम्मद अल्ताफ, आयोग की सदस्य गुलजारा मसूदी शामिल रहे।
नशे से जकड़ी लडकियों के लिए खुलेगा केंद्र
बैठक में चर्चा हुई और सहमति बनी कि अभिभावक लड़कियों को शरिया के मुताबिक विरासत का हकदार बनाएं और इस हिस्से पर उनकी निजी हक हो। क्योंकि मौजूदा समय में कश्मीर में संपत्ति के मामले में लड़कियों को बुरी तरह से नजरअंदाज किया गया है।
आयोग इमाम और अन्य धार्मिक गुरुओं से अपील करेगा कि दहेज को पूरी तरह से अपने अपने धर्म में प्रतिबंधित करें। आयोग की अध्यक्ष नईमा अहमद मेहजूर ने जानकारी दी है कि आयोग रियासत में नशे की लत में जकड़ी लड़कियों के लिए ड्रग एडिक्शन सेंटर खोलेगा, जहां पर उनकी काउंसलिंग होगी।
कश्मीर में पैलेट गन से घायल लोगों की भी सूची तैयार की जा रही है, ताकि इन लोगों से बातचीत की जाए और राहत देने के लिए सरकार से बात की जाए।