फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Preparation to make Ranjit Sagar Lake the largest wetland of Jammu and Kashmir

रंजीत सागर झील को जम्मू-कश्मीर का सबसे बड़ा वेटलैंड बनाने की तैयारी

Wed, 09 Dec 2020 05:14 PM IST
प्रशांत कुमार एस. खजूरिया, अमर उजाला, कठुआ
एस. खजूरिया, अमर उजाला, कठुआ Published by: प्रशांत कुमार Updated Wed, 09 Dec 2020 05:14 PM IST
विज्ञापन
Preparation to make Ranjit Sagar Lake the largest wetland of Jammu and Kashmir
रंजीत सागर झील - फोटो : सोशल मीडिया

प्रदेश की आबोहवा न सिर्फ पर्यटकों बल्कि प्रवासी पक्षियों को भी खूब भा आ रही है। 87 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली रंजीत सागर झील में पहली बार बर्ड वॉचर्स ने 50 के लगभग प्रवासी और पहली बार प्रदेश में देखे गए परिंदों की सूची तैयार की है। वन्यजीव विभाग की सर्वे टीमें भी लगातार ऐसे परिंदों पर साप्ताहिक स्तर पर रिपोर्ट तैयार कर रही है। विभागीय अमला सर्वे पूरा करने के बाद वेटलैंड संबंधी अपना प्रस्ताव भेजेगा।

विज्ञापन


पहली बार प्रदेश में और खासकर रंजीत सागर झील में रिपोर्ट हुए परिंदों को लेकर वन्यजीव विभाग भी उत्साहित है। सीजन के आंकड़ों पर विस्तृत रिपोर्ट के बाद वन्यजीव विभाग इसे वेटलैंड बनाने की योजना पर काम करने जा रहा है। प्रदेश के सबसे बड़े श्रीनगर के जैनपुरा में होकरसर वेटलैंड बर्ड सेंक्चुअरी से भी बड़ी इस झील का प्राकृतिक वातावरण परिंदों के लिए मुफीद साबित हो रहा है। खास बात यह है कि साइबेरिया से लंबी उड़ान भरकर आने वाले बार हेडिड गीज यानी साइबेरियन हंसों के झुंड भी इस इलाके में डेरा डाल चुके हैं। इससे पूर्व यह परिंदे केवल जम्मू के आरएस पुरा स्थित घराना वेटलैंड में ही मार्च माह तक डेरा डालते रहे हैं।
विज्ञापन


विदेशी मेहमानों की चहचहाहट में बिलावर के देवल निवासी बर्ड वॉचर हेमंत कुमार ने इस इलाके में पहली बार पालस गल को भी अपने कैमरे में कैद किया है, जो प्रदेश में केवल रंजीत सागर झील में ही अब तक देखी गई है। रूस से मंगोलिया के बीच प्रजनन करने वाली पक्षियों की यह प्रजाति ग्रेट ब्लैक हेडिड गल के नाम से भी जानी जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पेशे से शिक्षक हेमंत कुमार ने बताया कि लंबे अध्ययन और कई दिनों की मेहनत के बाद उन्हें इस क्षेत्र में रैपटर, ऑसप्रे, वाइट टेल्ड सी ईगल, फ्लावर पेकेरहेड, ओरिएंटल डार्टर और केली ब्रेस्टिड कपबिंग को भी रंजीत सागर झील किनारे ट्रैक किया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने लगभग नौ ऐसी प्रजाति के परिंदों को भी ट्रैक किया है, जो जम्मू-कश्मीर में पहले कभी नहीं देखे गए। इनमें माउंटेन स्कूप सौल, मिसेज गोल्ड सनबर्ड और रेड बिल्ड ब्लू मैगपाई भी शामिल हैं।

जम्मू-कश्मीर में इससे पहले दो ही सनबर्ड थे और मिसेज गोल्ड सनबर्ड जम्मू-कश्मीर का तीसरा सनबर्ड है। इसे बिलावर के बग्गन इलाके में देखा गया। रेड बिल्ड ब्लू मैगपाई बिलावर के किशनपुर और बग्गन के बीच देखे गए हैं। हेमंत पिछले दो वर्षों से मछेडी और रंजीत सागर झील किनारे बर्ड वाचिंग का काम कर रहे हैं। बर्ड वाचिंग के बाद चिह्नित परिंदों को लेकर वन्यजीव विभाग भी हरकत में आ गया है।

झील बना बसेरा, शिकारियों से खतरा

दर्जनों देसी और विदेशी पक्षियों की प्रजातियों ने रंजीत सागर झील में पिछले बीस वर्षों में बसेरा बनाना शुरू कर दिया है। वर्ष 2000 में तैयार हुए रंजीत सागर बांध की झील किनारे प्राकृतिक आवास बनाने में इन परिंदों को कई वर्ष लग गए हैं, लेकिन अवैध रूप से होने वाले शिकार पर विभाग को कड़ी नजर बनाए रखने की जरूरत है। चूंकि इन परिंदों के आने के साथ ही जहां शिकारी सक्रिय हो जाते हैं, वहीं खतरा भांपकर एक बार लौटने वाले परिंदे फिर यहां नहीं आएंगे। ऐसे में वन्यजीव विभाग ने जागरूकता कार्यक्रमों के अलावा क्षेत्र में होर्डिंग लगाने की भी तैयारी की है।

सुरुईंसर और मानसर से भी अधिक संख्या में प्रवासी पक्षियों को इस सीजन में रंजीत सागर झील किनारे देखा गया है। विभाग के संज्ञान में पहले नहीं था। पिछले दो सप्ताह में ही 45 से अधिक प्रवासी पक्षियों की प्रजातियां देखी गई  हैं। विभाग के लिए बड़े अचंभे की बात है। चूंकि यह मानव निर्मित वेटलैंड है, ऐसे में इस सीजन का सेंसस पूरा होने और पक्षियों के यहां रुकने का समय जांचने के बाद ही प्रपोजल आगे बढ़ाया जाएगा। इस सीजन के नतीजों के आधार पर देखा जाएगा कि परिंदे अस्थायी तौर पर रहते हैं या पूरे मौसम में देखे जाते हैं। -विजय कुमार वर्मा,  वार्डन, वन्यजीव विभाग, कठुआ

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed