जम्मू-कश्मीर में रजिस्ट्री के लिए ई-स्टांप लाने की तैयारी, दो हफ्ते में बनेगा प्रस्ताव
- प्रस्ताव बनाने की प्रक्रिया शुरू, पंद्रह दिन में वित्त विभाग को मामला भेजेगा रजिस्ट्रेशन विभाग
- रजिस्ट्री के लिए मौजूदा समय में लगते हैं आठ से दस पेपर, ई-स्टांप से भुगतान की रसीद ही कटेगी
विस्तार
इसे मंजूरी के लिए वित्त विभाग को भेजा जाएगा। पूरी प्रक्रिया को पंद्रह दिन में मुकम्मल करने की कोशिश की जा रही है जिसके बाद रजिस्ट्री में ई-स्टांप का उपयोग किया जाएगा। इससे सरकार का स्टांप पेपर पर खर्च कम होगा। वहीं, कागज की खपत घटने से पर्यावरण संरक्षण को भी मदद मिलेगी।
वित्त विभाग जल्द ही यह समीक्षा करेगा कि उनके पास कितने स्टांप प्रकाशित हैं। इनके खत्म होने के बाद ई-स्टांप शुरू होने की तैयारी की जा रही है। तीन दिन पहले ही जमीन-संपत्ति की सेल डीड, गिफ्ट डीड सहित अन्य दस्तावेजों की रजिस्ट्री राजस्व विभाग में शुरू की गई है। इसके लिए सरकार ने बाकायदा रजिस्ट्र्रेशन विभाग का गठन भी किया है। जिलों में राजस्व अधिकारियों को रजिस्ट्री के अधिकार दिए गए हैं।
यह है ई-स्टांप
मौजूदा समय में जमीनों की कीमत के हिसाब से रजिस्ट्री के लिए स्टांप पेपर लगते हैं। अधिकतम 8 से 10 स्टांप पेपर लगते हैं। ई-स्टांप में जमीन के मूल्य के हिसाब से लगने वाले स्टांप की जगह एक ही रसीद कटती है। कंप्यूटर के जरिए फीस जमा होगी और रसीद जारी होगी। यह रजिस्ट्री के साथ लगेगी।
दो हफ्ते में बनाएंगे प्रस्ताव
‘हमारा अगला बड़ा कदम ई स्टांप होगा। डिजिटल युग में पेपर की जगह ई स्टांप होना जरूरी है। प्रस्ताव बनाया जा रहा है जिसे पंद्रह दिन के भीतर वित्त विभाग को सौंपा जाएगा। हमारी तरफ से इसमें कोई देरी नहीं होगी। राजस्व अधिकारियों के पास इसका ढांचा भी उपलब्ध है।’-पवन कोतवाल, चेयरमैन रजिस्ट्र्रेशन विभाग
अदालत परिसर से कम लगेगा समय
मौजूदा समय में रजिस्ट्री करने का अधिकतम समय तीन दिन लगता है। ज्यादा से ज्यादा चार दिन लगते हैं। लेकिन रजिस्ट्र्रेशन विभाग के चेयरमैन का दावा है कि चार दिन से भी कम समय लगेगा। पहले भी राजस्व विभाग से सारी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद रजिस्ट्री अदालत में जाती थी। अब लोगों को औपचारिकताएं पूरी करने के बाद राजस्व विभाग से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। इससे उनका वक्त बचेगा।