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Jammu News: माइनस 200 रुपये बैलेंस हुआ तो कट जाएगी बिजली, अगस्त से प्री पेड सिस्टम की शुरुआत
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जम्मू। स्मार्ट मीटर लगने के बाद अब अगस्त से प्रीपेड सिस्टम लागू होने जा रहा है। खरीदी गई बिजली खर्च होने के बाद माइनस 200 रुपये बैलेंस पर खुद ही सप्लाई बंद हो जाएगी। पैसों का भुगतान करने के बाद बिजली बहाल होगी।
जम्मू और श्रीनगर शहर में स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड करने का काम तेज गति से चल रहा है। अब तक डेढ़ लाख मीटरों को प्रीपेड किया जा चुका है। दोनों शहरों में चार लाख मीटर लगाए गए हैं। शहर में सिस्टम शुरू होने के बाद ग्रामीण इलाकों में भी मीटर लगाए जाएंगे। बिजली निगम के अनुसार पहले बिल पोस्टपेड के हिसाब से लिया जाता था। मगर उपभोक्ता बिजली का प्रयोग तो करते थे, भुगतान नहीं होता था। ऐसे में करोड़ों रुपये लंबित रहते हैं। प्रीपेड सिस्टम लागू होने से समय पर भुगतान करना अनिवार्य होगा। भुगतान न होने पर बिजली काट दी जाएगी। बिल माइनस में 50 रुपये रहने तक अलर्ट जारी किया जाएगा। अधीक्षण अभियंता अनिल गुप्ता के अनुसार प्रीपेड सिस्टम से काफी बदलाव आएगा। लोग जरूरत के हिसाब से बिजली प्रयोग करेंगे। मौजूदा समय में बिल का भुगतान समय पर नहीं हो रहा है।
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... इसलिए लगाए गए स्मार्ट मीटर
पहले निगम को लाइन लॉस सहन करना पड़ रहा था। 58 फीसदी तक लाइन लॉस होने के कारण हर माह करोड़ों रुपये की बिजली की खपत का पता नहीं चल रहा था। जम्मू संभाग के लिए 100 करोड़ के आसपास बिजली खरीद होती थी। 58 करोड़ की बिजली लाइन लॉस में रखी जा रही थी। स्मार्ट मीटर लगने के बाद लाइन लॉस 32 फीसदी तक पहुंचा है यानी 26 फीसदी लाइन लॉस कम हुआ है।
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पोस्टपेड सिस्टम के नुकसान
पोस्टपेड सिस्टम में उपभोक्ता जरूरत के हिसाब से बिजली का प्रयोग करता था। महीने में एक बार ही बिल आता था लेकिन बिल भरने में देरी की जा रही थी। इस कारण कारपोरेशन को काफी नुकसान हो रहा था। प्रदेशभर से आठ लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं पर करीब तीन सौ करोड़ रुपये लंबित हैं। बिजली माफी योजना का लाभ भी दिया गया है। कुछ उपभोक्ता अब तक लाभ नहीं उठा पाए। इन्हे कई बार नोटिस जारी किए गए। बिल न भरने पर कई बार बिजली तक काटी गई। कुछेक उपभोक्ताओं पर छह से आठ लाख रुपये तक बकाया खड़ा है।
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जम्मू और श्रीनगर शहर में स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड करने का काम तेज गति से चल रहा है। अब तक डेढ़ लाख मीटरों को प्रीपेड किया जा चुका है। दोनों शहरों में चार लाख मीटर लगाए गए हैं। शहर में सिस्टम शुरू होने के बाद ग्रामीण इलाकों में भी मीटर लगाए जाएंगे। बिजली निगम के अनुसार पहले बिल पोस्टपेड के हिसाब से लिया जाता था। मगर उपभोक्ता बिजली का प्रयोग तो करते थे, भुगतान नहीं होता था। ऐसे में करोड़ों रुपये लंबित रहते हैं। प्रीपेड सिस्टम लागू होने से समय पर भुगतान करना अनिवार्य होगा। भुगतान न होने पर बिजली काट दी जाएगी। बिल माइनस में 50 रुपये रहने तक अलर्ट जारी किया जाएगा। अधीक्षण अभियंता अनिल गुप्ता के अनुसार प्रीपेड सिस्टम से काफी बदलाव आएगा। लोग जरूरत के हिसाब से बिजली प्रयोग करेंगे। मौजूदा समय में बिल का भुगतान समय पर नहीं हो रहा है।
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... इसलिए लगाए गए स्मार्ट मीटर
पहले निगम को लाइन लॉस सहन करना पड़ रहा था। 58 फीसदी तक लाइन लॉस होने के कारण हर माह करोड़ों रुपये की बिजली की खपत का पता नहीं चल रहा था। जम्मू संभाग के लिए 100 करोड़ के आसपास बिजली खरीद होती थी। 58 करोड़ की बिजली लाइन लॉस में रखी जा रही थी। स्मार्ट मीटर लगने के बाद लाइन लॉस 32 फीसदी तक पहुंचा है यानी 26 फीसदी लाइन लॉस कम हुआ है।
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पोस्टपेड सिस्टम के नुकसान
पोस्टपेड सिस्टम में उपभोक्ता जरूरत के हिसाब से बिजली का प्रयोग करता था। महीने में एक बार ही बिल आता था लेकिन बिल भरने में देरी की जा रही थी। इस कारण कारपोरेशन को काफी नुकसान हो रहा था। प्रदेशभर से आठ लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं पर करीब तीन सौ करोड़ रुपये लंबित हैं। बिजली माफी योजना का लाभ भी दिया गया है। कुछ उपभोक्ता अब तक लाभ नहीं उठा पाए। इन्हे कई बार नोटिस जारी किए गए। बिल न भरने पर कई बार बिजली तक काटी गई। कुछेक उपभोक्ताओं पर छह से आठ लाख रुपये तक बकाया खड़ा है।