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सेवा पर्व : स्कॉस्ट ने जनजातीय किसानों को चूजे बांटें
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श्रीनगर। स्कॉस्ट के पशुधन उत्पादन और प्रबंधन (एलपीएम) विभाग ने वीरवार को अपने पशु चिकित्सा विज्ञान संकाय शुहामा परिसर में एक चूजा वितरण कार्यक्रम आयोजित किया।
गांदरबल क्षेत्र, विशेष रूप से डिग्निबल और अल्लुस्तेंग क्षेत्रों के लगभग 40 जनजातीय लाभार्थियों को चार सप्ताह पुराने उन्नत ग्रामप्रिया चूजों के साथ-साथ पोल्ट्री फीड युक्त पिछवाड़ा पोल्ट्री इकाइयां प्रदान की गईं जिनका उद्देश्य आजीविका के अवसरों और पोषण सुरक्षा को मजबूत करना था। यह कार्यक्रम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की ओर से वित्त पोषित पोल्ट्री प्रजनन पर अखिल भारतीय समन्वित परियोजना के जनजातीय उप-योजना घटक का हिस्सा था।
स्कॉस्ट-के के कुलपति प्रो. नजीर अहमद गनई ने ग्रामीण और जनजातीय परिवारों के लिए पोषण सुरक्षा और आय सृजन में पिछवाड़ा पोल्ट्री की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं को जैविक और मुक्त-रेंज अंडों जैसे पोल्ट्री उत्पादों में मूल्यवर्धन की खोज करने के लिए प्रोत्साहित किया जिनकी शहरी बाजारों में बढ़ती मांग है।
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शोध निदेशक प्रो. हारून रशीद नाइक ने लाभार्थियों से पक्षियों को वैज्ञानिक देखभाल के साथ पालने का आग्रह किया और एलपीएम विभाग के विशेषज्ञों से निरंतर तकनीकी मार्गदर्शन का आश्वासन दिया। संवाद
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गांदरबल क्षेत्र, विशेष रूप से डिग्निबल और अल्लुस्तेंग क्षेत्रों के लगभग 40 जनजातीय लाभार्थियों को चार सप्ताह पुराने उन्नत ग्रामप्रिया चूजों के साथ-साथ पोल्ट्री फीड युक्त पिछवाड़ा पोल्ट्री इकाइयां प्रदान की गईं जिनका उद्देश्य आजीविका के अवसरों और पोषण सुरक्षा को मजबूत करना था। यह कार्यक्रम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की ओर से वित्त पोषित पोल्ट्री प्रजनन पर अखिल भारतीय समन्वित परियोजना के जनजातीय उप-योजना घटक का हिस्सा था।
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स्कॉस्ट-के के कुलपति प्रो. नजीर अहमद गनई ने ग्रामीण और जनजातीय परिवारों के लिए पोषण सुरक्षा और आय सृजन में पिछवाड़ा पोल्ट्री की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं को जैविक और मुक्त-रेंज अंडों जैसे पोल्ट्री उत्पादों में मूल्यवर्धन की खोज करने के लिए प्रोत्साहित किया जिनकी शहरी बाजारों में बढ़ती मांग है।
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शोध निदेशक प्रो. हारून रशीद नाइक ने लाभार्थियों से पक्षियों को वैज्ञानिक देखभाल के साथ पालने का आग्रह किया और एलपीएम विभाग के विशेषज्ञों से निरंतर तकनीकी मार्गदर्शन का आश्वासन दिया। संवाद