Poonch Terror Attack: आतंकियों की तलाश में भाटादूड़ियां का जंगल घेरा, देर रात तक ड्रोन-हेलिकॉप्टर से निगरानी
सूत्रों के अनुसार सुरक्षा एजेंसियों को दो समूहों में छह से सात आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली है। इस बीच सुरक्षाबलों ने चार संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पुंछ में सैन्य वाहन पर हमला करने में छह से सात आतंकियों के शामिल होने का शक है। इनकी तलाश में शुक्रवार को सेना तथा पुलिस ने 12 किलोमीटर के दायरे में फैले भाटादूड़ियां जंगल को घेर कर तलाशी अभियान चलाया। अभियान में खोजी कुत्तों, ड्रोन तथा हेलिकॉप्टर की मदद ली जा रही है।
पड़ोसी जिले राजोरी के जंगलों को भी खंगाला जा रहा है। इस बीच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम ने पुंछ पहुंचकर सुबूत जुटाए। जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह तथा एडीजीपी मुकेश सिंह ने भी घटनास्थल का दौरा किया। उधर, घटना के बाद नियंत्रण रेखा (एलओसी) से सटे दो जिलों राजोरी व पुंछ में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
जम्मू-पुंछ हाईवे पर भिंबर गली से पुंछ तक यातायात रोक दिया गया है। बम निरोधक दस्ता तथा एसओजी की टीम भी जांच में जुटी है। सूत्रों के अनुसार सुरक्षा एजेंसियों को दो समूहों में छह से सात आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली है। इसबीच सुरक्षाबलों ने 12 संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
सैन्य सूत्रों के अनुसार सेना और सुरक्षा एजेंसियों को राजोेरी-पुंछ सेक्टर में आतंकवादियों के दो समूहों में सक्रिय 6-7 आतंकवादियों की मौजूदगी का इनपुट मिला है। यह समूह पुंछ सेक्टर में सेना के वाहन पर घात लगाकर किए गए हमले में शामिल था।
इन आतंकवादियों के राजोरी के जंगलों में छिपे होने से इन्कार नहीं किया जा सकता, क्योंकि जिस स्थान पर आतंकियों ने सैन्य वाहन पर हमला किया, वह राजोरी-पुंछ की सीमा पर स्थित है। भिंबर गली से जढ़ा वाली गली के बीच करीब 20 किलोमीटर एरिया में सिविल वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद कर दी गई है। हालांकि पैदल जाने की अनुमति है, वह भी कड़ी पूछताछ के बाद।
भारी बारिश-ओलावृष्टि के बीच भी तलाशी
डीजीपी दिलबाग सिंह, एडीजीपी जम्मू मुकेश सिंह शुक्रवार को सेना के बड़े अधिकारियों ने साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। जिस वाहन पर आतंकियों ने हमला किया, वह अभी घटनास्थल पर ही है, जिसकी हर हिस्से को बारीकी से जांचा जा रहा है। वहीं, भाटादूड़िया इलाके में दोपहर दो से शाम चार बजे तक भारी बारिश और ओलावृष्टि हुई। इसके बीच भी सुरक्षाबलों के जवान सर्च ऑपरेशन में जुटे रहे।
मंजाकोट, थन्नमंडी और शाहदरा शरीफ के जंगल भी खंगाले जा रहे
भाटादूड़िया के जंगल राजोरी के मंजाकोट के साथ लगते हैं और मंजाकोट के जंगलों से होते हुए थन्नामंडी, शाहदरा शरीफ के जंगलों से होते हुए मुगल रोड तक पहुंचा जा सकता है। फिर वहां से कश्मीर घाटी की और निकल पाना आसान है।
सूत्रों के अनुसार सेना, पुलिस और सीआरपीएफ ने मंजाकोट, थन्नमंडी और शाहदरा शरीफ के जंगलों में गहन तलाशी अभियान चलाया है। मुगल रोड के आसपास के पैदल मार्ग पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है।
राजोरी के उक्त जंगलों में चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन की निगरानी डीआईजी पुलिस डॉ. हसीब मुगल और मंजाकोट स्थित सेना की 13 सेक्टर राष्ट्रीय राइफल के कमांडर स्वयं कर रहे हैं। सेना, पुलिस और खुफिया एजेंसियों सहित सुरक्षा बल अभियान का समन्वय कर रहे हैं।