{"_id":"6446326a53547307120579e5","slug":"poonch-terror-attack-over-50-detained-for-questioning-search-operation-enters-fourth-day-2023-04-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Poonch Terror Attack: पूछताछ के लिए 15 OGW समेत 50 लोग हिरासत में, क्या हमले में आतंकी रफीक का हाथ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Poonch Terror Attack: पूछताछ के लिए 15 OGW समेत 50 लोग हिरासत में, क्या हमले में आतंकी रफीक का हाथ
Mon, 24 Apr 2023 01:10 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Mon, 24 Apr 2023 01:10 PM IST
सार
सूत्रों के अनुसार, भाटादूडियां आतंकी हमले के पीछे पीओजेके में मौजूद आतंकी रफीक नाई की मुख्य भूमिका के संकेत मिल रहे हैं।
विज्ञापन
पुंछ में तलाशी अभियान
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पुंछ जिले के भाटादूडियां इलाके में सैन्य वाहन पर हुए आतंकी हमले के सिलसिले में अब तक 15 ओजीडब्ल्यू समेत 50 लोगों को पूछताछ के हिरासत में लिया गया है। कुछ को पूछताछ के बाद छोड़ भी दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, भाटादूडियां आतंकी हमले के पीछे पीओजेके में मौजूद आतंकी रफीक नाई की मुख्य भूमिका के संकेत मिल रहे हैं।
विज्ञापन
आतंकी रफीक इसी क्षेत्र का रहने वाला है और 16 वर्ष पहले नियंत्रण रेखा के उस पार भाग गया था। जहां रफीक नाई की उस पार आतंकी संगठनों में अच्छी खासी पैठ है वहीं अपने मूल स्थान के साथ ही उपजिला में भी उसकी मजबूत पकड़ है।
विज्ञापन
उधर, भाटादूडियां समेत आसपास के इलाकों में पुलिस और सुरक्षाबलों का तलाशी अभियान चौथे दिन में प्रवेश कर गया है। इससे पहले किश्तवाड़ में रविवार को सैकड़ों लोगों ने हमले में शहीद हुए जवानों के परिवार के प्रति एकजुटता दिखाते हुए कैंडल मार्च निकाला।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- Poonch Attack: भाटादूड़ियां में बिखरे हैं जवानों की पेटियों के टुकड़े, टोपियां और अधजली वर्दी झकझोर रही दिल
पुंछ जिले में सैन्य जवानों पर आतंकी हमले की जांच में जुटी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम ने भाटादूड़ियां जंगल और मौका-ए वारदात का डंप डाटा खंगालना शुरू कर दिया है। मौका-ए वारदात और इसके आसपास के इलाकों में एनआईए और पुलिस ने उस दिन इस्तेमाल होने वाले मोबाइल फोन का डाटा खंगालना शुरू किया है।
ताकि पता लगाया जा सके कि किन-किन लोगों की किसके के साथ बातचीत हुई है। जिस तरह से आतंकियों ने सैन्य वाहन को निशाना बनाया, उससे साफ पता चलता है कि आतंकियों ने पूरी रणनीति के तहत इस वारदात को अंजाम दिया है। साथ ही उन्हें स्थानीय स्तर पर मदद मिली है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर आतंकियों की मदद करने वालों तक एनआईए नहीं पहुंची पाई है।
ये भी पढ़ें- Poonch Terror Attack: हमले के लिए चुना सटीक समय और घटनास्थल, जवाबी टुकड़ी से बचने को नाला व जंगल का लिया सहारा