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जम्मू-कश्मीर में प्रदूषण से चार साल कम हो रही जिंदगी, एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स में हुआ खुलासा
Tue, 04 Feb 2020 10:50 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Tue, 04 Feb 2020 10:50 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social media
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प्रदूषण के चलते जम्मू वासियों की जिंदगी चार साल कम हो रही है। यह बात एनर्जी पॉलिसी इंस्टीट्यूट एट युनिवर्सिटी ऑफ शिकागो यानी एपिक इंडिया के एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स (एपिक) के शोध में सामने आया है। इतना ही नहीं, बढ़ते वायु प्रदूषण के चलते जम्मू शहर का नाम नेशनल एयर एक्शन प्लान (एनसीएपी) के तहत आने वाले देश के 122 सबसे ज्यादा खराब शहरों की लिस्ट में भी आ चुका है।
जम्मू यूनिवर्सिटी में आयोजित चर्चा सत्र में जम्मू-कश्मीर की हवा गुणवत्ता से जुड़ी ऐसी ही बातें सामने आईं हैं। यूनिवर्सिटी के पर्यावरण विज्ञान विभाग और एपिक इंडिया के संयुक्त कार्यक्रम में बताया गया कि वायु प्रदूषण के चलते जिंदगी कम हो रही है।
जेयू के वीसी प्रो. मनोज धर ने कहा कि जरूरी है कि हम सब मिलकर वायु प्रदूषण जैसी गंभीर समस्या पर अधिक से अधिक बातचीत करें, ताकि शहर में आबोहवा बनी रहे। एक्यूएलआई जैसी वेबसाइट्स बताती है कि समस्या कहां है और हमें और सुधर लाने के लिए कितनी मेहनत करनी है।
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जम्मू यूनिवर्सिटी में आयोजित चर्चा सत्र में जम्मू-कश्मीर की हवा गुणवत्ता से जुड़ी ऐसी ही बातें सामने आईं हैं। यूनिवर्सिटी के पर्यावरण विज्ञान विभाग और एपिक इंडिया के संयुक्त कार्यक्रम में बताया गया कि वायु प्रदूषण के चलते जिंदगी कम हो रही है।
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जेयू के वीसी प्रो. मनोज धर ने कहा कि जरूरी है कि हम सब मिलकर वायु प्रदूषण जैसी गंभीर समस्या पर अधिक से अधिक बातचीत करें, ताकि शहर में आबोहवा बनी रहे। एक्यूएलआई जैसी वेबसाइट्स बताती है कि समस्या कहां है और हमें और सुधर लाने के लिए कितनी मेहनत करनी है।
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जम्मू यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों और संकायों ने वायु प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा और इसके उपाय ढूंढने में पहल की है। इस वर्कशॉप के बाद यह पहल और बड़ी होगी।
जीएमसी के माइक्रोबायोलाजिस्ट डॉ. संदीप डोगरा ने कहा कि जम्मू की खराब होती हवा बड़ी समस्या बनी हुई है। यहां के नागरिकों की सेहत पर भी इसका असर दिख रहा है। पिछले कुछ समय से फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों में बढ़ोतरी हुई है। इससे साफ है कि बढ़ता वायु प्रदूषण खतरनाक बन रहा है।
पर्यावरण विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. राज के. रामपाल ने कहा कि छात्र वायु प्रदूषण को लेकर काफी सारे प्रोजेक्ट्स करते हैं। हमारा विभाग हमेशा से ही वायु प्रदूषण जैसे विषयों पर काम करने में आगे रहा है। इस चर्चा सत्र में 80 से ज्यादा प्रबुद्धजनों और विद्यार्थियों के अलावा सामाजिक संगठन के सदस्य शामिल हुए।
जीएमसी के माइक्रोबायोलाजिस्ट डॉ. संदीप डोगरा ने कहा कि जम्मू की खराब होती हवा बड़ी समस्या बनी हुई है। यहां के नागरिकों की सेहत पर भी इसका असर दिख रहा है। पिछले कुछ समय से फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों में बढ़ोतरी हुई है। इससे साफ है कि बढ़ता वायु प्रदूषण खतरनाक बन रहा है।
पर्यावरण विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. राज के. रामपाल ने कहा कि छात्र वायु प्रदूषण को लेकर काफी सारे प्रोजेक्ट्स करते हैं। हमारा विभाग हमेशा से ही वायु प्रदूषण जैसे विषयों पर काम करने में आगे रहा है। इस चर्चा सत्र में 80 से ज्यादा प्रबुद्धजनों और विद्यार्थियों के अलावा सामाजिक संगठन के सदस्य शामिल हुए।