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Jammu News: लेह के कांग्रेस पार्षदों ने छठी अनुसूची के लिए प्रस्ताव पारित का मुद्दा उठाया
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सांसद की ओर से चार सूत्रीय मांगों के संबंध में जानकारी न होने के बयान से विवाद शुरू
- एलएबी व केडीए ने कहा - यह कोई गोपनीय दस्तावेज नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू/लेह। कांग्रेस पार्षदों ने लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद (एलएएचडीसी) लेह से केंद्र शासित प्रदेश को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने के पक्ष में सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित करने की मांग की है। कांग्रेस की लेह इकाई ने पत्रकार वार्ता कर यह मुद्दा उठाया।
कांग्रेस कमेटी ने कहा, लद्दाख के मुद्दों को लेकर लेह एपेक्स बॉडी संघर्ष कर रही है। यूटी के लोगों के अधिकारों के लिए एलएएचडीसी को आगे आना चाहिए। गृह मंत्रालय और लद्दाख के नेताओं के बीच 19 फरवरी की बैठक से पहले लद्दाख के लिए छठी अनुसूची के पक्ष में एक सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित किया जाना चाहिए। प्रेसवार्ता में ससपोल के पार्षद स्मांला दोरजे, स्कर्बुचन के पार्षद लुंडुप दोरजे, फ्यांग के पार्षद टुंडुप नर्बु चीता और पार्षद त्सेरिंग नामग्याल उपस्थित रहे।
उधर, लद्दाख के सांसद जामयांग त्सेरिंग नामग्याल द्वारा कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) और लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) द्वारा 16 जनवरी को गृह मंत्रालय को सौंपे गए मसौदे के बारे में जानकारी नहीं होने के बयान पर विवाद शुरू हो गया है। लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस ने कहा है कि जब सांसद ने रुचि नहीं दिखाई तो उन्हें प्रति कैसे दी जाती है। यह कोई गोपनीय दस्तावेज नहीं है। तीन फरवरी को लेह और कारगिल में हुए आंदोलन से भी मांगों का खुलासा हो गया था।
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सांसद ने कहा कि अधूरी जानकारी के साथ उनके लिए नई दिल्ली में 19 फरवरी की बैठक पर निर्णय लेना मुश्किल है। उन्हें मसौदे की प्रति नहीं उपलब्ध कराई गई है। सांसद नामग्याल ने लेह जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या उन्हें एपेक्स बॉडी लेह और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस द्वारा प्रस्तुत की गई 27 पेज के मसौदे की एक प्रति मिली है। नामग्याल ने चार सूत्री एजेंडे के बारे में चिंता जताई। विशेष रूप से राज्य का दर्जा शामिल करने के संबंध में और प्रस्तावित राज्य की संभावित संरचना और कार्य पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि क्या प्रदेश के क्षेत्राधिकार में लाहौल-स्पीति और गिलगित-बाल्टिस्तान को भी शामिल करने की बात कही गई है।
उन्होंने उच्चाधिकार प्राप्त समिति के सदस्य के रूप में अपनी भूमिका पर जोर दिया और मसौदे की सामग्री की जानकारी के बिना सूचना के लिए निर्णय लेने में अपनी असमर्थता दोहराई। उन्होंने कहा कि स्थानीय नेताओं और संघों, नंबरदार, सरपंच और गोनपा एसोसिएशन के बीच मसौदे के बारे में जागरूकता की कमी है। उन्होंने लद्दाख के लोगों के हितों का प्रतिनिधित्व करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और क्षेत्र के हितों से समझौता नहीं करने का वादा किया।
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लेह एपेक्स बॉडी-कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस ने सासंद के आरोपों को नकारा
लेह एपेक्स बॉडी के नेता त्सेरिंग दोरजे लाक्रुक ने कहा कि अगर जामयांग त्सेरिंग नामग्याल ने लद्दाख के सांसद होने के नाते मसौदा मांगा होता तो उन्हें बिना किसी आपत्ति के इसे साझा किया होता, लेकिन उन्होंने इसके लिए पूछने की जहमत नहीं उठाई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हालिया मसौदे में उल्लिखित मांगें लद्दाख के लोगों को अच्छी तरह से पता हैं, जिन पर पिछले चार वर्षों से आंदोलन चल रहा है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि भाजपा शुरू में लेह एपेक्स बॉडी का हिस्सा थी, लेकिन बाद में उन्होंने इससे अलग होने का फैसला किया, जिससे मसौदा प्रस्ताव पर उनसे परामर्श करना अव्यावहारिक हो गया। कहा कि अनिर्दिष्ट कारणों से गृह मंत्रालय ने लद्दाखी नेताओं को मसौदा प्रस्ताव को गोपनीय रखने का निर्देश दिया, जिससे जनता के सामने इसका खुलासा नहीं हो सका।
वहीं, कारगिल डेमोक्रेटिक एलायंस के सह-अध्यक्ष हाजी असगर अली करबलाई ने कहा कि सौंपे गए मसौदे की सामग्री पारदर्शी है और यह सभी को अच्छी तरह से ज्ञात है, जिसमें चार सूत्रीय एजेंडा शामिल है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि इस एजेंडे को सार्वजनिक रैलियों में दोहराया गया है। सांसद तीन फरवरी को पूरे लद्दाख में व्यापक आंदोलन के बाद निराश लग रहे हैं, जिसमें क्षेत्र के चार सूत्री एजेंडे को पूरा करने की मांग की गई थी।उन्होंने स्पष्ट किया कि लद्दाख का चार सूत्री एजेंडा कोई गोपनीय मामला नहीं है, जिसमें छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा, पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त करना, लेह और कारगिल के लिए अलग लोकसभा सीटें सुरक्षित करना, लद्दाख के लिए राज्यसभा सीट प्राप्त करना और एक राज्य सभा की स्थापना के प्रावधान शामिल हैं। लद्दाख के लिए अलग लोक सेवा आयोग राजपत्रित पदों की समय पर भर्ती की सुविधा प्रदान करेगा।
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- एलएबी व केडीए ने कहा - यह कोई गोपनीय दस्तावेज नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू/लेह। कांग्रेस पार्षदों ने लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद (एलएएचडीसी) लेह से केंद्र शासित प्रदेश को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने के पक्ष में सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित करने की मांग की है। कांग्रेस की लेह इकाई ने पत्रकार वार्ता कर यह मुद्दा उठाया।
कांग्रेस कमेटी ने कहा, लद्दाख के मुद्दों को लेकर लेह एपेक्स बॉडी संघर्ष कर रही है। यूटी के लोगों के अधिकारों के लिए एलएएचडीसी को आगे आना चाहिए। गृह मंत्रालय और लद्दाख के नेताओं के बीच 19 फरवरी की बैठक से पहले लद्दाख के लिए छठी अनुसूची के पक्ष में एक सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित किया जाना चाहिए। प्रेसवार्ता में ससपोल के पार्षद स्मांला दोरजे, स्कर्बुचन के पार्षद लुंडुप दोरजे, फ्यांग के पार्षद टुंडुप नर्बु चीता और पार्षद त्सेरिंग नामग्याल उपस्थित रहे।
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उधर, लद्दाख के सांसद जामयांग त्सेरिंग नामग्याल द्वारा कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) और लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) द्वारा 16 जनवरी को गृह मंत्रालय को सौंपे गए मसौदे के बारे में जानकारी नहीं होने के बयान पर विवाद शुरू हो गया है। लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस ने कहा है कि जब सांसद ने रुचि नहीं दिखाई तो उन्हें प्रति कैसे दी जाती है। यह कोई गोपनीय दस्तावेज नहीं है। तीन फरवरी को लेह और कारगिल में हुए आंदोलन से भी मांगों का खुलासा हो गया था।
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सांसद ने कहा कि अधूरी जानकारी के साथ उनके लिए नई दिल्ली में 19 फरवरी की बैठक पर निर्णय लेना मुश्किल है। उन्हें मसौदे की प्रति नहीं उपलब्ध कराई गई है। सांसद नामग्याल ने लेह जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या उन्हें एपेक्स बॉडी लेह और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस द्वारा प्रस्तुत की गई 27 पेज के मसौदे की एक प्रति मिली है। नामग्याल ने चार सूत्री एजेंडे के बारे में चिंता जताई। विशेष रूप से राज्य का दर्जा शामिल करने के संबंध में और प्रस्तावित राज्य की संभावित संरचना और कार्य पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि क्या प्रदेश के क्षेत्राधिकार में लाहौल-स्पीति और गिलगित-बाल्टिस्तान को भी शामिल करने की बात कही गई है।
उन्होंने उच्चाधिकार प्राप्त समिति के सदस्य के रूप में अपनी भूमिका पर जोर दिया और मसौदे की सामग्री की जानकारी के बिना सूचना के लिए निर्णय लेने में अपनी असमर्थता दोहराई। उन्होंने कहा कि स्थानीय नेताओं और संघों, नंबरदार, सरपंच और गोनपा एसोसिएशन के बीच मसौदे के बारे में जागरूकता की कमी है। उन्होंने लद्दाख के लोगों के हितों का प्रतिनिधित्व करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और क्षेत्र के हितों से समझौता नहीं करने का वादा किया।
लेह एपेक्स बॉडी-कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस ने सासंद के आरोपों को नकारा
लेह एपेक्स बॉडी के नेता त्सेरिंग दोरजे लाक्रुक ने कहा कि अगर जामयांग त्सेरिंग नामग्याल ने लद्दाख के सांसद होने के नाते मसौदा मांगा होता तो उन्हें बिना किसी आपत्ति के इसे साझा किया होता, लेकिन उन्होंने इसके लिए पूछने की जहमत नहीं उठाई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हालिया मसौदे में उल्लिखित मांगें लद्दाख के लोगों को अच्छी तरह से पता हैं, जिन पर पिछले चार वर्षों से आंदोलन चल रहा है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि भाजपा शुरू में लेह एपेक्स बॉडी का हिस्सा थी, लेकिन बाद में उन्होंने इससे अलग होने का फैसला किया, जिससे मसौदा प्रस्ताव पर उनसे परामर्श करना अव्यावहारिक हो गया। कहा कि अनिर्दिष्ट कारणों से गृह मंत्रालय ने लद्दाखी नेताओं को मसौदा प्रस्ताव को गोपनीय रखने का निर्देश दिया, जिससे जनता के सामने इसका खुलासा नहीं हो सका।
वहीं, कारगिल डेमोक्रेटिक एलायंस के सह-अध्यक्ष हाजी असगर अली करबलाई ने कहा कि सौंपे गए मसौदे की सामग्री पारदर्शी है और यह सभी को अच्छी तरह से ज्ञात है, जिसमें चार सूत्रीय एजेंडा शामिल है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि इस एजेंडे को सार्वजनिक रैलियों में दोहराया गया है। सांसद तीन फरवरी को पूरे लद्दाख में व्यापक आंदोलन के बाद निराश लग रहे हैं, जिसमें क्षेत्र के चार सूत्री एजेंडे को पूरा करने की मांग की गई थी।उन्होंने स्पष्ट किया कि लद्दाख का चार सूत्री एजेंडा कोई गोपनीय मामला नहीं है, जिसमें छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा, पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त करना, लेह और कारगिल के लिए अलग लोकसभा सीटें सुरक्षित करना, लद्दाख के लिए राज्यसभा सीट प्राप्त करना और एक राज्य सभा की स्थापना के प्रावधान शामिल हैं। लद्दाख के लिए अलग लोक सेवा आयोग राजपत्रित पदों की समय पर भर्ती की सुविधा प्रदान करेगा।