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Jammu News: परिसीमन के बाद बनी नई विस सीट जसरोटा के 87 हजार वोटर चुनेंगे अपना पहला विधायक
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-लोग बोले-इलाके समस्याओं के समाधान में सक्षम होगा, वही इलाके का करेगा प्रतिनिधित्व
संवाद न्यूज एजेंसी
हीरानगर। जम्मू-कश्मीर में परिसीमन के बाद जिला कठुआ में बने नए विधानसभा क्षेत्र जसरोटा के 87 हजार मतदाता इस बार विधानसभा चुनाव में अपना पहला विधायक चुनेंगे। अकसर इस कंडी क्षेत्र के लोग यहां पर्याप्त विकास न होने की शिकायत करते रहे हैं। लंबे समय से कंडी क्षेत्र की अलग विधानसभा सीट बनाने की मांग करते रहे। इस बार लोगों को इस क्षेत्र के लिए अपना प्रतिनिधि चुनने का मौका मिलने जा रहा है, जिसे लेकर लोगों को कई उम्मीदें हैं। लोगों का कहना है कि विधानसभा क्षेत्र तो नया बन गया है, लेकिन यहां की समस्याएं आज भी पुरानी हैं। जो इन समस्याओं के समाधान में सक्षम होगा, वही इस इलाके का प्रतिनिधित्व करेगा।
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क्षेत्र की होती रही अनदेखी : अनिल कुमार
सेहसवां निवासी अनिल कुमार ने कहा कि पहले उनका गांव हीरानगर विधानसभा क्षेत्र में था, लेकिन अब इसे जसरोटा विधानसभा के साथ जोड़ दिया गया है। पहले कंडी का इलाका हीरानगर विधानसभा और कुछ बिलावर विधानसभा क्षेत्र के साथ लगने के कारण अनदेखी का शिकार होता रहा है, लेकिन अब उम्मीद है कि उसे अपना हक मिलेगा। कंडी में सबसे बड़ी समस्या पानी की है, जिस पर आज तक कोई खास ध्यान नहीं दिया गया। अब यहां के लोग अपना प्रतिनिधि चुनेंगे तो इसी उम्मीद से चुनेंगे कि पुरानी समस्याओं का समाधान होगा।
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अलग विधानसभा क्षेत्र बनने से जगी उम्मीद : लक्की शर्मा
अमाला निवासी लक्की शर्मा ने कहा कि कंडी में बेरोजगारी, बंदरों के आतंक से खेती बर्बाद और पानी की समस्या। पहले भी चुनाव में इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं, लेकिन आज तक समाधान नहीं हुआ। अब अलग विधानसभा क्षेत्र बनने से उम्मीद जगी है कि जो यहां वोट मांगने आएगा वो समस्याओं को गंभीरता से लेगा। अलग विधानसभा क्षेत्र बनने से यहां के विकास के लिए समांतर फंड मिलेंगे। यहां से पहला विधायक वही चुना जाएगा जो यहां की समस्याओं को समझेगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हीरानगर। जम्मू-कश्मीर में परिसीमन के बाद जिला कठुआ में बने नए विधानसभा क्षेत्र जसरोटा के 87 हजार मतदाता इस बार विधानसभा चुनाव में अपना पहला विधायक चुनेंगे। अकसर इस कंडी क्षेत्र के लोग यहां पर्याप्त विकास न होने की शिकायत करते रहे हैं। लंबे समय से कंडी क्षेत्र की अलग विधानसभा सीट बनाने की मांग करते रहे। इस बार लोगों को इस क्षेत्र के लिए अपना प्रतिनिधि चुनने का मौका मिलने जा रहा है, जिसे लेकर लोगों को कई उम्मीदें हैं। लोगों का कहना है कि विधानसभा क्षेत्र तो नया बन गया है, लेकिन यहां की समस्याएं आज भी पुरानी हैं। जो इन समस्याओं के समाधान में सक्षम होगा, वही इस इलाके का प्रतिनिधित्व करेगा।
क्षेत्र की होती रही अनदेखी : अनिल कुमार
सेहसवां निवासी अनिल कुमार ने कहा कि पहले उनका गांव हीरानगर विधानसभा क्षेत्र में था, लेकिन अब इसे जसरोटा विधानसभा के साथ जोड़ दिया गया है। पहले कंडी का इलाका हीरानगर विधानसभा और कुछ बिलावर विधानसभा क्षेत्र के साथ लगने के कारण अनदेखी का शिकार होता रहा है, लेकिन अब उम्मीद है कि उसे अपना हक मिलेगा। कंडी में सबसे बड़ी समस्या पानी की है, जिस पर आज तक कोई खास ध्यान नहीं दिया गया। अब यहां के लोग अपना प्रतिनिधि चुनेंगे तो इसी उम्मीद से चुनेंगे कि पुरानी समस्याओं का समाधान होगा।
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अलग विधानसभा क्षेत्र बनने से जगी उम्मीद : लक्की शर्मा
अमाला निवासी लक्की शर्मा ने कहा कि कंडी में बेरोजगारी, बंदरों के आतंक से खेती बर्बाद और पानी की समस्या। पहले भी चुनाव में इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं, लेकिन आज तक समाधान नहीं हुआ। अब अलग विधानसभा क्षेत्र बनने से उम्मीद जगी है कि जो यहां वोट मांगने आएगा वो समस्याओं को गंभीरता से लेगा। अलग विधानसभा क्षेत्र बनने से यहां के विकास के लिए समांतर फंड मिलेंगे। यहां से पहला विधायक वही चुना जाएगा जो यहां की समस्याओं को समझेगा।
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