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वक्फ विधेयक पर जम्मू-कश्मीर विधानसभा में हो चर्चा : सादिक
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नेकां के मुख्य प्रवक्ता ने विधानसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र
राथर बोले , विधेयक पारित होना भारतीय संविधान का उल्लंघन
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। विधानसभा में आगामी बजट सत्र में नेकां की ओर से वक्फ विधेयक पर चर्चा की जा सकती है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता विधायक तनवीर सादिक ने विधानसभा में वक्फ विधेयक पर चर्चा की मांग की है। उन्होंने इसके लिए स्पीकर अब्दुल रहीम राथर को पत्र लिखा है।
सादिक ने कहा कि संसद में पारित यह विधेयक जम्मू-कश्मीर में मुस्लिम समुदाय और धार्मिक संस्थाओं की स्वतंत्रता के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने सरकार के अत्यधिक नियंत्रण, वक्फ संपत्तियों के मनमाने वर्गीकरण और बोर्ड की अधिकारिता कम होने पर चिंता व्यक्त की। कहा, सदन की जिम्मेदारी है कि लोगों की चिंताओं का प्रतिबिंबित करे। यदि इस कानून का विरोध नहीं किया गया, तो हमारी धार्मिक और संवैधानिक अधिकारों का हनन होगा। सादिक ने सभी विधायकों से इस संशोधन के खिलाफ समर्थन मांगा है। वहीं, स्पीकर अब्दुल रहीम राथर ने वक्फ (संशोधन) विधेयक के पारित होने की आलोचना की है। उन्होंने इसे भारतीय संविधान का उल्लंघन बताया है। कहा, यह विधेयक धारा 25 का खंडन करता है, जो धर्म के अधिकार की गारंटी देता है। केंद्र सरकार ने विधेयक का बचाव करते हुए दावा किया कि इससे अल्पसंख्यकों को लाभ होगा, जबकि विपक्षी दलों ने इसे मुस्लिम विरोधी करार दिया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, पीपुल्स काॅन्फ्रेंस सहित घाटी के अन्य क्षेत्रीय दलों ने विधेयक का विरोध किया है।
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राथर बोले , विधेयक पारित होना भारतीय संविधान का उल्लंघन
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। विधानसभा में आगामी बजट सत्र में नेकां की ओर से वक्फ विधेयक पर चर्चा की जा सकती है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता विधायक तनवीर सादिक ने विधानसभा में वक्फ विधेयक पर चर्चा की मांग की है। उन्होंने इसके लिए स्पीकर अब्दुल रहीम राथर को पत्र लिखा है।
सादिक ने कहा कि संसद में पारित यह विधेयक जम्मू-कश्मीर में मुस्लिम समुदाय और धार्मिक संस्थाओं की स्वतंत्रता के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने सरकार के अत्यधिक नियंत्रण, वक्फ संपत्तियों के मनमाने वर्गीकरण और बोर्ड की अधिकारिता कम होने पर चिंता व्यक्त की। कहा, सदन की जिम्मेदारी है कि लोगों की चिंताओं का प्रतिबिंबित करे। यदि इस कानून का विरोध नहीं किया गया, तो हमारी धार्मिक और संवैधानिक अधिकारों का हनन होगा। सादिक ने सभी विधायकों से इस संशोधन के खिलाफ समर्थन मांगा है। वहीं, स्पीकर अब्दुल रहीम राथर ने वक्फ (संशोधन) विधेयक के पारित होने की आलोचना की है। उन्होंने इसे भारतीय संविधान का उल्लंघन बताया है। कहा, यह विधेयक धारा 25 का खंडन करता है, जो धर्म के अधिकार की गारंटी देता है। केंद्र सरकार ने विधेयक का बचाव करते हुए दावा किया कि इससे अल्पसंख्यकों को लाभ होगा, जबकि विपक्षी दलों ने इसे मुस्लिम विरोधी करार दिया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, पीपुल्स काॅन्फ्रेंस सहित घाटी के अन्य क्षेत्रीय दलों ने विधेयक का विरोध किया है।
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